बलुआ थाना क्षेत्र के गुरेरा में शनिवार की देर शाम को हाइवे पर मिट्टी लदी ट्रैक्टर से दबकर फूलपुर निवासी श्रीराम 48 वर्ष व रामकिशुन 50वर्ष की मौत हो गयी मौके की नजाकत को देखते हुए चालक तुरन्त मौके से ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुँचे परिजन ग्रामीणो ने हो-हल्ला करने लगे। मौके पर पहुची पुलिस ने ग्रामीणो को समझाबुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में ट्रैक्टर को अपने कब्जे में लिया।
फूलपुर निवासी श्रीराम पुत्र खारूल व रामकिशुन पुत्र दुबरी राम दो व्यक्ति चहनिया से सर ढ़कने के लिए तिरपाल लेकर आ रहे थे कि अबैध खनन में जुटे मिट्टी लदे बोगा स्वराज टैªªक्टर यूपी 67आर 2042 ने बाइक संख्या यूपी 67एस 1917में जोरदार टक्कर मार दी जिससे घटना स्थल पर दोनों की हृदय विदारक मौत हो गयी और ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गया।
वही मृतक श्रीराम अपने पीछे दो पुत्र चन्दन, मनीश व पुत्री अन्तिमा को छोड़कर चले गये वही पत्नी मनोरमा ने रोते बिलखते हुए बताया कि पूरे परिवार के भरा पोषण बच्चो के शादी विवाह की जिम्मेदारी उन्ही पर थी लेकिन उनके जाने के बाद पूरा परिवार अनाथ हो गया है।
मृतक रामकिशुन अपने पीछे पांच बच्चे दिनेश, राजेश, प्रकाश, रोशन, रोहित को छोड़ कर चले उनकी पत्नी उमरावती ने बताया कि बड़े बच्चें दिनेश की शादी 4जून को होने वाली थी। लेकिन पूरे परिवार में मातम सा छा गया साथ ही शादी की खुशिया मातम में बदल गयी।
जबकि सूत्रों के मुताबिक ट्रैक्टर का कोई भी परमिट नही होता है। यह केवल कृषि कार्य हेतु होता है लेकिन अबैध खनन में जमकर ट्रैक्टर का ही प्रयोग किया जाता है।
जिम्मेदरान अधिकारी सभी इस बात से अवगत है बावजूद ट्रैक्टर धड़ल्ले से दिन-रात फर्राटा भर घटना को अंजाम दे रहे है। पुलिस हो या फिर राजस्व इनके सामने अबैध मिट्टी या बालू लदे बाहन गुजरते है और ऑखों पर भ्रष्टाचार रूपी पट्टी होती है जिससे इनको दिखाइ्र नही देता।
परिवहन विभाग आए दिन वाहनो को चालान कर मोटा राजस्व प्राप्त करने का दावा करती है लेकिन जमीनी हकीकत कोसो दूर है जिससे उनके कार्यशैली से आये दिन लोग अपनी जान गवा रहे है।
देखना तो है कि क्या जिले के आलाधिकारी इस पर क्या कार्यवाही करते है या फिर यह अपने पुराने ढ़र्रे पर ही चलते है। वैसे भी समाचार लिखे जाने सर्किल स्तर के जिम्मदेरान अपनी जिम्मेदारी भगते नजर आ रहे है।
वही स्थानीय लोगो का कहना खनन माफिया बिगत एक माह से स्थानीय प्रशासन की मिली भगत से दिन-रात क्षेत्र में अबैध खनन कर रहे है। कोई भी पुलिस वाला इनको रोकने तक हिम्मत नही जुटा पा रहा है। जिससे इस तरह की घटनाएं आम बात हो गयी है।
इसी क्रम में थाना क्षेत्र के तीरगांवा में रविवार को अबैध बालू लदा ओवरलोड डम्पर गंगा के किनारे अनियंत्रित होकर पलट गया। डम्पर चालक राहुल कुमार 30वर्ष पहाड़पुर निवासी सफेद बालू निकालकर ले जा रहा था। इसी दौरान डम्पर पलट गया और समय गवाये बिना डम्पर कूदकर अपनी जान बनाई। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गाजीपुर सीमा से सटे इस इलाके में ओवरलोड बालू लदे वाहनों का संचालन आम बात बन चुका है और आये दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिक मुनाफे के चक्कर में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे कभी भी बड़ा और दर्दनाक हादसा घट सकता है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग से न केवल सड़कों और परिवहन व्यवस्था को नुकसान होता है, बल्कि नदी के किनारे कटान होने और साथ ही पर्यावरण पर गम्भीर खतरा मडराता चला जा रहा है।
वैसे भी बलुआ पुलिस व पीआरपी 112 आधी रात को दो पहिया वाहन व चार पाहिया की चेकिंग करती है लेकिन ओभर अबैध बालू या मिट्टी लदे टैक्टर इन्हे दिखाई नही देते जो यक्ष प्रश्न बना हुआ है। आखिकार इस मौत का जिम्मेदार कौन पुलिस या फिर राजस्व विभाग या फिर खनन माफिया यह तो आलाधिकारी ही बता सकता है।
सूत्रों से मिली जानकारी के ‘‘रूप नाथ गुरू और सब चेला’’ की कहावत को चरितार्थ कर खनन कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है।
जबकि गौर करे तो यह क्षेत्र गंगा का तराई क्षेत्र है प्रदूषण को निंयत्रण करने समक्ष इलाका लेकिन माफियाओं की नजर इस कदर लगी प्रदूषण, गंगा कटान व जनन्धन की हानी जमकर की जा रही है।
जबकि सरकारी पर्यावरण, गंगा सरंक्षण, प्रदूषण के प्रति लोगो को कागजांे पर जागरूक कर कर रहे है और जमीन पर उनके संरक्षण से सारे कार्य फलफूल रहे है। जिससे आये दिन लोगों की जिन्दगियों के लील रही है।


