रीठी मध्यप्रदेश शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय भोपाल का पत्र क्रमांक/ईटी/7/कृषि रथ/26-27/115 भोपाल, दिनांक 14/05/2026 अनुसार शासन द्वारा वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में मनाये जाने के उपलक्ष्य में कृषि एवं संबंध विषयों जैसे कृषि अभियांत्रिकी, पशुपालन, उधानिकी, मत्स्य पालन आदि पर किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के मध्य सीधा संपर्क कायम कर नवीन एवं वैज्ञानिक तकनीकी की जानकारी कृषकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से खरीफ फसलों की बुवाई के एक माह पूर्व दिनांक
16/05/2026 से 10 दिवस हेतु प्रत्येक विकासखण्ड में एक कृषिरथ चलाया जाना है। कृषिरथ का विकासखण्डवार, ग्राम पंचायत एवं दिनांकवार रूटचार्ट संलग्न कर निर्देशित कटनी जिला कलेक्टर द्वारा किया गया था l कि उक्त अभियान अंतर्गत निम्न विषयों की जानकारी से कृषकों को जागरूक करने हेतु,,
1 बी.टी.एम./ए.टी.एम.आत्मा
2- ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी
3- सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी
4- मत्स्य निरीक्षक
5- समिति प्रबंधक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति
6 एनआरएलएम के प्रतिनिधि एवं कृषि सखी दीदी (संबंधित)
7- सचिव, ग्राम पंचायत / रोजगार सहायक ग्राम पंचायत (संबंधित) तकनीकी दल में सम्मलित सभी विभाग अपने मैदानी अधिकारियों की अपने स्तर से रूटचार्ट अनुसार ड्यूिटी आदेश जारी करना सुनिश्चित करते हुये इनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित थी l
जिसको लेकर कटनी जिले की रीठी तहसील क्षेत्र में कृषि विभाग अधिकारियो द्वारा किसानों को जागरूक पंचायत वार जाकर किसान रथ के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर आधुनिक खेती, उन्नत तकनीक एवं कृषि योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
इस अभियान के तहत कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, किसानों को खरीफ फसल की तैयारी, जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, फसल विविधीकरण, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा विभागीय योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तार से समझा रहे हैं।
परंतु अन्य कोई विभाग उपस्थित नही रहता यहां तक की एनआरएलएम द्वारा संचालित स्वास्थ्य सहायता समूह की सखी बहने भी उपस्थित नहीं होती है l
रीठी तहसील के विभिन्न गांवों में पहुंचकर जिस तरह कृषि विभाग के अधिकारी किसानों से सीधे संवाद कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है, इस प्रकार अन्य विभाग भी अपनी जिम्मेदारी निभाते तो किसान भाइयों को और भी नई तकनीकों के बारे मैं समझकर अपनी खेती को बेहतर ऊपज तथा अन्य स्रोतों के माध्यम से आय में वृद्धि होने मैं अच्छी सहायता मिल सकती थी l
क्योंकि यह जागरूकता अभियान किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के प्रति नई सोच एवं आधुनिक तकनीक का विस्तार कर रहा है।
हरिशंकर बेन


