कटनी – मध्य प्रदेश शासन की नई ‘एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026’ के अंतर्गत जिले में नीली क्रांति को बढ़ावा देने हेतु मत्स्य विभाग, जिला पंचायत एवं निकाय के अधीन चयनित जलाशयों में केज कल्चर और अन्य मत्स्य गतिविधियों के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 मई निर्धारित की गई है।
इन जलाशयों का हुआ है चयन
जिले के 5 प्रमुख जलाशयों का चयन केज स्थापना हेतु किया है। जिनमें विकासखंड कटनी के अंतर्गत ठरका जलाशय, विकासखंड बहोरीबंद के अंतर्गत बहोरिबंद जलाशय, विकासखंड बड़वारा के अंतर्गत दतला जलाशय और विकासखंड ढीमरखेड़ा के अंतर्गत सागौना व अमेठा जलाशय शामिल है।
मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026
इस नीति का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना और आधुनिक तकनीकों जैसे एक्वाकल्चर, एक्वापोनिक्स, और इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग को प्रोत्साहित करना है। सरकार द्वारा उद्यमियों को बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज के माध्यम से फिश हेचरी, आईस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज और फिश प्रोसेसिंग यूनिट के विकास में सहायता, बैंक ऋण सुविधा प्राप्त करने हेतु मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता एवं प्रशिक्षण की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।


