कालापीपल(बब्लू जायसवाल)प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव द्वारा किसानों हर संभव मदद की जा रही है, क्योंकि भाजपा सरकार किसान हितेषी सरकार है, कालापीपल विधानसभा और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में किसानों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है,गेहूं खरीदी में देरी,स्लॉट बुकिंग की अव्यवस्था, कम दाम पर उपज बेचने की मजबूरी,मूंग खरीदी पर असमंजस को लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है।
किसानों का कहना है कि गेहूं कटाई के दो से ढाई माह बीत जाने के बाद भी किसानों की उपज का शत प्रतिशत उपार्जन नहीं हो सका है,स्लॉट बुकिंग व्यवस्था से हालात और बिगड़े,कई किसान रात-रात भर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ खरीदी केंद्रों के बाहर इंतजार करते रहे,समय पर तुलाई नहीं हुई,तो मजबूरी में उपज मंडियों में समर्थन मूल्य से कम दाम पर बेचनी पड़ रही है,किसानों की मांग है कि जिन किसानों ने एमएसपी से कम कीमत पर गेहूं बेचा है,उन्हें समर्थन मूल्य और बाजार भाव के अंतर की राशि भावांतर के रूप में दी जाए,मूंग की फसल को लेकर भी क्षेत्र में असमंजस बना है,खेतों में फसल तैयार खड़ी है,खरीदी कब शुरू होगी,नियम क्या होंगे,कौन पात्र होगा,इस पर सरकार द्वारा कोई स्पष्टता नहीं है,किसानों के साथ छलावा करने का आरोप लगाया किसानों को आशंका है कि गेहूं खरीदी जैसी अव्यवस्था मूंग में भी दोहराई जा सकती है
इस बीच कालापीपल के पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने वीडियो जारी कर सरकार पर किसानों के साथ छलावा करने का आरोप लगाया है,किसानों की समस्याओं के साथ स्वास्थ्य सेवाओं और गोशालाओं की स्थिति भी मुद्दा बन रही है,आरोप है कि कालापीपल के सरकारी अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं और महिला डॉक्टर तक उपलब्ध नहीं हैं,जबकि गौशालाओं में चारे और संसाधनों का संकट बना हुआ है,क्षेत्र में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसानों को केवल घोषणाएं मिलेंगी या समस्याओं का समाधान भी होगा,
वही भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने किसानों को विश्वास दिलाया कि सरकार किसानों का एक-एक दाना हर परिस्थिति मे खरीदेगी…!


