कटनी (01 मई) – स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय स्लीमनाबाद में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत विद्यार्थियों को जैविक खेती का प्रशिक्षण जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा दिया गया। यह प्रशिक्षण प्रचार्या डॉक्टर सरिता पांडे के मार्गदर्शन में पाठ्यक्रम के अनुसार प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के बीए, बीएससी एवं बीकॉम के विद्यार्थियों को दिया गया।
प्रशिक्षण के अंतर्गत विद्यार्थियों को कम लागत तकनीकी जीरो बजट फार्मिंग एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकी जानकारी दी गई। साथ ही भूमि और मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जैविक खेती अपनाने की सलाह दी गई। बताया गया कि ग्राम में उपलब्ध संसाधनों जैसे गोबर व कचरे से खाद बनाने, जैविक कीटनाशकों को बनाकर फसलों में उपयोग करने से बाजार पर निर्भरता कम होती है और भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। भूमि में सभी पोषक तत्व एवं सूक्ष्म जीवाणु उपलब्ध रहने से विष मुक्त अनाज, दलहन, तिलहन व सब्जी का उत्पादन होता है। आजकल जैविक कृषि उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ने से उनकी बिक्री से अच्छी आमदनी होती है।
जैविक खेती के प्रशिक्षण के पश्चात लिखित एवं मौखिक परीक्षा ली गई। बाह्य परीक्षक अश्विनी कुमार गर्ग एवं आंतरिक परीक्षक रामसुख दुबे द्वारा लिखित एवं मौखिक परीक्षा ली गई और परीक्षा प्रभारी एवं स्टाफ ने परीक्षा संपन्न करवाया।


