तामिया में संस्थागत प्रसव हेतु शासन के द्वारा अनेक प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसमें महिलाओं को कोई परेशानी ना हो लेकिन सिस्टम की नाकामी या विभाग की लापरवाही से फिर एक महिला की मौत हो गई । टॉपरवानी निवासी महिला शारदा उईके पति देवीसिंह को प्रसव पीड़ा हुई महिला के परिजन द्वारा जननी 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया कॉल के दौरान चावलपानी 108 एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं बताई गई। जबकि चावल पानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने जननी 108 एंबुलेंस पंचर खड़ी हुई है पगारा से टॉपरवानी 100 किलोमीटर दूर से एंबुलेंस पहुंची जब तक महिला की घर पर ही डिलीवरी हो गई थी। अनन फनन में महिला को पगार से लेट आई 108 एम्बुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चावल पानी लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को तमिया रेफर किया गया। पगारा से लेट आई एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी । प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चावल पानी से ऑक्सीजन की व्यवस्था कर तामिया रेफर किया गया जहां रस्ते में महिला की मौत हो गई अगर चावल पानी एंबुलेंस पंचर ना होती और समय पर पहुंच जाती तो आज महिला की जान बच जाती। वही जबसे तामिया में नए बीएमओ भुवनेश्वर कुमार बने हे तब से फील्ड में जाकर स्वास्थ सुविधा कमजोर पड़ गई हे बीएमओ द्वारा झोलाछाप बंगाली डॉक्टरों से साठगांठ करने की बात भी सामने आ रही हे तभी तो बीएमओ बंगाली झोलाछाप डॉक्टरो पर कारवाही नहीं कर रहे हे।अब देखना होगा कि विभाग क्या कार्यवाही करता है।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


