रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। गांव में भी शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की कमी नहीं है। सीमित संसाधन के बीच मेधावी बच्चों को माता-पिता का उचित मार्गदर्शन और लगन उन्हें लक्ष्य तक ले ही जाता है। आज हम बात कर रहे हैं नर्मदापुरम जिले के माखन नगर तहसील के ग्रामीण अंचल रजौन ग्राम की उस प्रतिभाशाली छात्रा की, जिसने तहसील के सरकारी स्कूल से विज्ञान विषय में कक्षा 12वीं की परीक्षा मेधावी छात्रा के रूप में उत्तीर्ण कर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। ग्राम रजौन की मेधावी बेटी प्राची शिर्के (17) वर्ष ने विपरीत परिस्थितियों में भी माखन नगर तहसील के सरकारी स्कूल से बायोलॉजी में कक्षा 12वीं की परीक्षा 83% प्रतिशत से उत्तीर्ण कर शासन की मेधावी
योजना के अंतर्गत बीएससी फॉरेंसिक साइंस में होलकर कॉलेज इंदौर में एडमिशन लिया और अब फॉरेंसिक साइंस की स्टडी कर रही है। प्राची के पिताजी छोटे किसान हैं और उनकी मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है। जिन्होंने अपने सीमित संसाधन में बेटी के उज्जवल भविष्य के लिए कठोर परिश्रम किया है। माता-पिता बताते हैं कि प्राची बचपन से ही टीवी पर सीआईडी सीरियल देखती आ रही हैं। जिसमें उन्हें डॉक्टर शंकुले का किरदार बहुत अच्छा लगता था, जिसमें डॉ शंकुले लैब में क्राइम के कारणों पर शोध करते हैं। जिनसे प्रभावित होकर प्राची का कक्षा 11 से ही लक्ष्य था कि वह फॉरेंसिक साइंस में पढ़ाई करना चाहती हैं। वही प्राची शिर्के बताती हैं कि उन्हें मेधावी योजना अंतर्गत मेरिट बेस पर बीएससी फॉरेंसिक साइंस में इंदौर होलकर कॉलेज में एडमिशन मिला है और वह फॉरेंसिक साइंस की छात्रा होकर वर्तमान में क्राइम सीन बनाना सीख रही हैं कि एविडेंस को कैसे अलग-अलग तरीके से कलेक्ट किया जाता है। किसी व्यक्ति की मौत हुई है तो वह मारा गया है अथवा सुसाइड है? जैसे दृश्य को क्रिएट किया जाता है और एविडेंस कलेक्ट किए जाते हैं। प्राची बताती है कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए निर्धारित दिनचर्या और मेहनत जरुरी होती है। नर्मदापरम जिले के लिए और माखन नगर के छोट से ग्राम की प्राची शिर्के अपने सपनों को साकार करने के लिए अपनी पसंद के विषय में चयनित होकर अपने माता-पिता और गांव का नाम रोशन करना चाहती हैं। हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं कि वे अपने प्रत्येक लक्ष्य को हासिल करें और देश प्रदेश सहित नर्मदापुरम जिले का नाम रोशन करे।


