छिंदवाड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के लिए चलाई जा रही केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) में मध्यप्रदेश से एक बड़ा वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा जारी एक नोटिस ने छिंदवाड़ा की PIU (प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राधिकरण के मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) द्वारा जारी नोटिस में बताया गया है कि छिंदवाड़ा PIU की महाप्रबंधक कविता पटवा के कार्यकाल के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 में बजट से अधिक राशि के देयक तैयार किए गए हैं। इस मामले में प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आवंटित बजट से लगभग 1 करोड़ रुपए अधिक के देयक OMMAS पोर्टल पर दर्ज कर दिए गए, जो कि गंभीर वित्तीय अनियमितता मानी जा रही है।
655 लाख का बजट, लेकिन देयक 755 लाख से ज्यादा
दस्तावेजों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में छिंदवाड़ा PIU को 655.07 लाख रुपए का बजट आवंटित किया गया था। लेकिन विभागीय जांच में यह तथ्य सामने आया कि OMMAS पोर्टल पर 755.73 लाख रुपए के देयक निर्मित कर दिए गए। इस मामले में एसडीओ एवं इंजीनियरों की भी मिली भगत जांच का विषय है।
इस तरह आवंटित बजट से लगभग 100.73 लाख रुपए अधिक राशि के भुगतान का मामला उजागर हुआ है। वित्तीय नियमों के अनुसार किसी भी इकाई को आवंटित राशि से अधिक भुगतान के लिए विशेष अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
OMMAS पोर्टल पर सवाल
PMGSY योजना के तहत सभी परियोजनाओं की वित्तीय और तकनीकी जानकारी OMMAS (Online Management, Monitoring and Accounting System) पोर्टल पर दर्ज की जाती है। यह पोर्टल योजना की पारदर्शिता और निगरानी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
लेकिन इस मामले में पोर्टल पर ही बजट से अधिक देयक दर्ज होने से न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि विभागीय मॉनिटरिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
महाप्रबंधक से मांगा गया स्पष्टीकरण
प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस में महाप्रबंधक कविता पटवा से इस वित्तीय अंतर के संबंध में स्पष्ट जवाब मांगा गया है। नोटिस में यह भी पूछा गया है कि आवंटित राशि से अधिक देयक किस आधार पर तैयार किए गए और इसकी अनुमति किस स्तर से प्राप्त की गई।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*

