कटनी (28 फरवरी) – मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग आपसी समन्वय से कुपोषण एवं जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों की बेहतरी के लिये कार्य करें। कोताही बरतने वालों की जवाबदेही सुनिश्चित कर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने यह निर्देश जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान दिये। इस दौरान जिला पंचायत की सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर भी मौजूद रहीं।
कलेक्टर श्री तिवारी ने गर्भवती माताओं के संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देनें, गर्भवती माताओं के नियमित जांच करने और स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास के तालमेल से मातृ एवं शिशु मृत्यु और कुपोषण के विरूद्ध प्रभावी पहल करने की हिदायत दी।
कलेक्टर श्री तिवारी ने जिला चिकित्सालय कटनी के पोषण पुनर्वास केन्द्र में बेड ऑक्यूपेंसी कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि महिला बाल विकास के साथ मिलकर गांवों से कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन कर पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती करायें। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में ओपीडी तथा आईपीडी में आने वाले मध्यम कुपोषित और अति गंभीर कुपोषित बच्चों को भी पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन एवं प्रबंधन कर पोर्टल में प्रसव पश्चात 3 दिन के भीतर शत-प्रतिशत इंट्री करने की हिदायत दी। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं का अनमोल पोर्टल में 100 फीसदी पंजीयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये।
शहरी क्षेत्र में लक्ष्य के विरूद्ध कम पंजीयन होने पर डिप्टी कलेक्टर ज्योति लिल्हारे को फार्मेट तैयार कर निजी नर्सिंग होम से प्रत्येक 15-15 दिनों पर डाटा एकत्रित कर पोर्टल पर इंट्री कराने का दायित्व एपीएम को सौंपा।
कलेक्टर ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुये शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग करने और चिन्हित टीबी मरीजों को निक्षय फूड बास्केट सभी को वितरित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने बहोरीबंद के कुआं और ढीमरखेड़ा के कारोपानी प्रसव केन्द्रों को क्रियाशील करने हेतु यहां पदस्थ एएनएम को जिला चिकित्सालय में प्रशिक्षण दिलानें के निर्देश दिेये।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कटनी जिले का प्रदेश में तीसरा स्थान होने पर कलेक्टर ने आरबीएसके समन्वयक की सराहना किया।
बैठक में सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रतिभा पाण्डेय, सहायक संचालक वनश्री कुर्वेती, सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी सहित सभी परियोजना महिला एवं बाल विकास मौजूद रहे।


