खनिज लाइसेंस की आड़ में खेल! मौके पर कचरा, कागज़ों में लाखों का कारोबार
*कटनी में ‘खनिज भंडारण’ की आड़ में गड़बड़ी?*
*खेत में फसल, साइट पर सिर्फ कचरा—टीपी के जरिये बड़े खेल के आरोप*
*विजयराघवगढ़ तहसील के ग्राम बिस्तरा में दी गई है कथित भंडारण की अनुमति*
कटनी के दुबे कॉलोनी निवासी प्रदीप पटेल को खनिज विभाग द्वारा बॉक्साइट, लाइमस्टोन, लेटेराइट, डोलोमाइट, आयरन ओर, रिजेक्ट मार्बल, फायरक्ले, गिट्टी एवं मुरूम के भंडारण हेतु खनिज व्यापारी अनुज्ञप्ति स्वीकृत की गई है। यह अनुमति खसरा नंबर 118/4, रकबा 0.200 हेक्टेयर क्षेत्र में भंडारण के लिए दी गई बताई गई है।
हालांकि, मीडिया की पड़ताल में मौके की तस्वीर कुछ और ही सामने आई। स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित भूमि पर खनिज का व्यवस्थित भंडारण नहीं, बल्कि खेत में फसल खड़ी है। भंडारण स्थल के नाम पर केवल दो-तीन ट्रॉली कचरा एकत्रित मिला। ताज्जुब तो इस बात का है कि यदि निजी जमीन पर भंडारण की अनुमति दी गई है तो फिर वहां ग्राम पंचायत द्वारा शौचालय का निर्माण कैसे किया गया।ग्रामीणों की माने तो यह जमीन निजी नहीं बल्कि सरकारी है। ग्राम निवासी संपत आदिवासी का कहना है कि कुछ वर्षों पूर्व तक वह उस जमीन पर खेती करता था और वह जमीन सरकारी है।
स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि भंडारण की आड़ में ट्रांजिट पास (टीपी) जारी कर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की जा रही हैं। यदि स्थल पर वास्तविक भंडारण नहीं है, तो टीपी जारी होने का आधार क्या है।यह बड़ा सवाल खड़ा करता है।खनिज व्यापारी अनुज्ञप्ति के तहत स्वीकृत स्थल पर निर्धारित मापदंडों के अनुसार सीमांकन, स्टॉक का स्पष्ट लेखा-जोखा और भौतिक उपलब्धता अनिवार्य होती है। लेकिन मौके पर फसल खड़ी होने और नगण्य सामग्री मिलने से अनुमति प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
जिम्मेदारों से जवाब की मांग
मामले में संबंधित विभागीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है कि क्या स्थल का भौतिक सत्यापन किया गया था?टीपी जारी करने से पहले स्टॉक का मिलान हुआ या नहीं?
यदि भंडारण नहीं है, तो अनुज्ञप्ति की शर्तों का पालन कैसे माना गया?स्थानीय नागरिकों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है और देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है। इस संबंध में एमपी न्यूज़ कास्ट से चर्चा करते हुए खनिज अधिकारी आरके दीक्षित ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है हम जांच करवाएंगे।
जिस अधिकारी की निरिक्षण रिपोर्ट लगी हो उस पर कार्रवाई होना चाहिऐ


