कालापीपल (बब्लू जायसवाल)।
नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों देर रात तक तेज़ आवाज़ में बज रहे डीजे आमजन के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में नियमों की अनदेखी करते हुए रात-रात भर डीजे बजाए जा रहे हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई स्थानों पर अत्यधिक ध्वनि में डीजे बजने से घरों की खिड़कियां तक कंपन करने लगती हैं। देर रात तक शोरगुल के कारण लोगों को नींद नहीं मिल पा रही है। इससे बुजुर्गों, छोटे बच्चों, बीमार व्यक्तियों, हृदय रोगियों और नवजात शिशुओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
इस समय बोर्ड परीक्षाओं का दौर चल रहा है। कई अभिभावकों ने बताया कि तेज़ ध्वनि के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। देर रात तक पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की एकाग्रता भंग हो रही है और पर्याप्त नींद न मिलने से उनके स्वास्थ्य एवं मानसिक संतुलन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अभिभावकों का मानना है कि इसका सीधा असर परीक्षा परिणामों पर पड़ सकता है।
नियमों की खुलेआम अनदेखी
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर शासन द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके अनुसार रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर एवं डीजे संचालन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद नगर क्षेत्र में इन नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी ठोस और स्थायी कार्यवाही नहीं हो पा रही है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रात 10 बजे के बाद डीजे संचालन पर सख्ती से प्रतिबंध लागू किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही परीक्षा अवधि के दौरान विशेष निगरानी रखते हुए ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सघन अभियान चलाने की अपील की गई है।


