कटनी ( 24 फरवरी ) – शासन की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार द्वारा मंगलवार शाम पीएम स्वनिधि योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के निराकरण को लेकर बैंकर्स की समीक्षा बैठक ली। बैठक में लीड बैंक मैनेजर श्री किंडो, उपयुक्त शैलेश गुप्ता, कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा, सहायक यंत्री अनिल जायसवाल, सिटी मिशन मैनेजर एन यू एल एम यश रजक सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।
बैठक में निगमायुक्त ने योजनाओं की वर्तमान प्रगति, बैंकों को प्रेषित प्रकरण तथा निराकृत प्रकरण की बैंक वार विस्तार से समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के कारणों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की निगमायुक्त ने बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी लंबित प्रकरणों पर प्राथमिकता के साथ कार्यवाही की जाए, ताकि छोटे व्यापारियों, स्ट्रीट वेंडर्स एवं आवास के लिए पात्र हितग्राहियों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
चालू वित्तीय वर्ष में ही हो हितग्राही लाभान्वित
निगमायुक्त ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना से जहां छोटे व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है, वहीं आवास योजना से शहरी गरीबों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो रहा है, ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। मार्च के पूर्व सभी प्रकरणों का निराकरण किया जाए, जिससे कि संबंधित हितग्राहियों को चालू वित्तीय वर्ष में लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने योजना के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बैंकर से समन्वय बनाएं एवं हितग्राहियों के साथ बैंक जाकर उनके प्रकरणों के निराकरण में मदद करें। निगमायुक्त ने निगम प्रशासन द्वारा बैंकर्स को हरसंभव सहयोग प्रदान किए जाने का आश्वासन भी दिया गया।
हितग्राही को दें सकारात्मक मार्गदर्शन
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने बैंकर्स से आपसी समन्वय, दस्तावेज सत्यापन में संवेदनशीलता तथा त्वरित निर्णय प्रक्रिया अपनाने का आग्रह किया। साथ ही यह भी कहा कि जिन प्रकरणों में दस्तावेजों की कमी या तकनीकी अड़चन हैं, वहां हितग्राहियों को सकारात्मक मार्गदर्शन देकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिससे अधिक से अधिक हितग्राही योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
निगमायुक्त ने समन्वय बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाएगी और प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं होने की स्थिति में संबंधित स्तर पर पुनः बैठक कर आपसी समन्वय के साथ प्रकरणों के निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी, ताकि नगर के अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।
बैठक के दौरान, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, महाराष्ट्र बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक सहित नगर के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।


