यह आयोजन इकाई चेयरमैन श्री प्रदीप वाल्मीकि “सतपुड़ा सिंघम” एवं सचिव श्री हिमांशु जायसवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर इकाई के उपाध्यक्ष श्री अरविंद भट्ट ने मौके पर पहुंचकर ट्रेकिंग दल को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आपसी परिचय कराते हुए ट्रेक दल को उत्साहपूर्वक रवाना किया।
ट्रेकिंग दल 20 सदस्यों के साथ रात्रि 08 बजे छिंदवाड़ा से बस द्वारा भूराभगत के लिए रवाना हुआ। ट्रेक का नेतृत्व ट्रेक डायरेक्टर श्री मोहित सूर्यवंशी एवं श्री दीना नाथ पवार ने किया। भूराभगत से चौरागढ़ महादेव के लिए लगभग 20 किलोमीटर का रात्रिकालीन ट्रेक रात्रि 12 बजे प्रारंभ हुआ। दल ने प्रातः 05 बजे चौरागढ़ महादेव मंदिर पहुंचकर दर्शन लाभ प्राप्त किया।
दर्शन उपरांत दल पचमढ़ी की ओर मट होते हुए सतपुड़ा के घने जंगलों एवं दुर्गम मार्गों से गुजरते हुए पुनः भूराभगत पहुंचा, जहां शाम 04 बजे ट्रेक का सफल समापन हुआ।
इस साहसिक ट्रेक में विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा कि 61 वर्षीय श्रीमती सुनिता बंदेवार सबसे वरिष्ठ ट्रेकर रहीं, जबकि 15 वर्षीय कु. अमरता कंगाली सबसे कम आयु की ट्रेकर के रूप में दल का हिस्सा बनीं। दोनों ने अपने साहस और दृढ़ संकल्प से सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया।
इकाई पदाधिकारियों ने सफल आयोजन के लिए ट्रेक डायरेक्टर, सहयोगियों एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक एवं साहसिक आयोजनों के निरंतर आयोजन की बात कही।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


