कालापीपल(बब्लू जायसवाल)जिले में कालापीपल थाना शांति का टापू माना जाता है और कालापीपल थाना हर काम में अव्वल भी है,लेकिन बढ़ती घटनाओं को देख कर तो ऐसा लगता है कि कालापीपल पुलिस कुंभकरण की नींद सो चुका हैं,यदि थाने पर’एफआईआर’दर्ज करवानी है तो आपके पास राजनीतिक प्रेशर होना बहुत जरूरी है नहीं तो आपसे आवेदन लेकर चलाता कर दिया,वर्तमान की दो बड़ी विशेष घटनाएं…!
घटना क्रमांक 1:ग्राम नादंनी स्थिति पेट्रोल पंप पर खड़ा डंपर अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ले गए,इसकी सूचना थाने पर मोहन मेवाड़ा द्वारा दी गई,सूचना मिलते ही CCTV कैमरों की जांच और साइबर की मदद से डंपर की तफ्तीश करने पुलिस निकाल गई,पुलिस के अनुसार फरियादी मोहन मेवाड़ा ने बताया कि 28 जनवरी की रात के दरमियान अज्ञात चोर डंपर चोरी करके ले गए,लेकिन जब भी पुलिस से पूछा जाता है तो एक ही जवाब मिलता है,हम ढूंढने का प्रयास कर रहे है,टीम लगी हुई है।
घटना क्रमांक 2:ग्राम बेहरावल के एक व्यक्ति के साथ साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है,जिसमें ऑनलाइन निवेश के नाम पर अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी मानी जा रही हैं,साइबर ठगों ने शेयर बाजार में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से करीब 68 लाख रुपए की ठगी कर ली गई और पहले शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक लाभ कमाने का लालच दिया गया,वहीं पुलिस के अनुसार पीड़ित को ऑनलाइन माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक लाभ कमाने का प्रस्ताव दिया गया,ठगों ने विश्वास में लेने के लिए एक फर्जी ऐप डाउनलोड करवाया,जिसमें निवेश की गई राशि और उस पर लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता रहा,ऐप पर बढ़ते लाभ को देखकर पीड़ित का भरोसा और मजबूत हो गया,जब खाते में लाखों रुपए का मुनाफा दिखने लगा तो पीड़ित ने राशि निकालने का प्रयास किया,इस दौरान ठगों ने टीडीएस टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा करने को कहा,झांसे में आकर पीडित ने अलग-अलग चरणों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी,इसके बाद ठग अचानक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से गायब हो गए।
अंत में:-अब सवाल यह खड़ा होता है कि पुलिस क्या कर रही है,इन घटनाओं को देखते हुए ऐसा लगता है कि पुलिस सिर्फ खोखले वादे ही करतीं हैं,अभी तक कालापीपल पुलिस ठगों को नहीं पकड़ पाई ना ही डंपर चोरी वाला करने वाले चोरों को…!


