सोशल मीडिया जहां एक ओर लोगों को जोड़ने का माध्यम बन चुका है, वहीं अब यह अपराध की प्लानिंग का नया टूल भी बनता जा रहा है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिला में पुलिस ने एक ऐसे महिला गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं को निशाना बनाता था।
यह गिरोह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही रील्स के जरिए यह पता करता था कि कहां, कब और किस आयोजन में सबसे ज्यादा भीड़ जुटने वाली है। इसके बाद पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता था।
रील देखकर तय होता था ‘टारगेट’
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ये महिलाएं किसी भी आयोजन से पहले सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती थीं। बड़े सत्संग, मेले और धार्मिक कार्यक्रमों की रील देखकर ये अनुमान लगाती थीं कि किस स्थान पर सुरक्षा कम और भीड़ ज्यादा होगी। इसी को आधार बनाकर वे अपनी ‘डिजिटल रेकी’ पूरी करती थीं।
अफरा-तफरी में उड़ाए मंगलसूत्र
ताजा मामला सलेहा थाना क्षेत्र के श्यामगिरी इलाके का है। हेलीकॉप्टर लैंडिंग के दौरान अचानक मची भगदड़ का फायदा उठाकर गिरोह की महिलाओं ने दो श्रद्धालुओं के गले से मंगलसूत्र उड़ा लिए। जब तक पीड़ितों को घटना का अहसास हुआ, आरोपी महिलाएं भीड़ में गायब हो चुकी थीं।
यूपी से आती थीं, वारदात कर लौट जाती थीं
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी महिलाएं उत्तर प्रदेश के मऊ जिला और जौनपुर जिला की रहने वाली हैं। ये किराए की ईको कार से मध्य प्रदेश आती थीं और वारदात के तुरंत बाद वापस लौट जाती थीं, जिससे इन पर शक न हो।
6 लाख का माल बरामद, पूछताछ जारी
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पन्ना पुलिस ने जाल बिछाया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस अंतर्राज्यीय महिला गिरोह को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मंगलसूत्र, एक ईको कार और नकदी सहित करीब 6 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है।
फिलहाल सभी आरोपी महिलाओं से पूछताछ जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने और किन-किन जिलों में ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि बड़े धार्मिक आयोजनों, मेलों और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में कीमती आभूषण पहनते समय विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।


