हम बामसेफ (Backward and Minority Communities Employees Federation), उसके सहयोगी संगठनों, भारत मुक्ति मोर्चा एवं उसके सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक संविधान प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत यह ज्ञापन प्रस्तुत कर रहे हैं।मामले की पृष्ठभूमि:
बामसेफ एवं राष्ट्रीय मूलनिवासी संघ का 42 वाँ दो दिवसीय संयुक्त राष्ट्रीय अधिवेशन तथा भारत मुक्ति मोर्चा का 15 वाँ तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 26 दिसंबर 2025 से 30 दिसंबर 2025 तक बालियात्रा लोअर ग्राउंड, कटक, ओडिशा में आयोजित करने का कार्यक्रम था। यह अधिवेशन ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) की जाति-आधारित जनगणना के लिए समर्पित था। ओडिशा जिला प्रशासन, कटक महानगर पुलिस एवं संबंधित विभागों से दो माह पूर्व सभी कानूनी प्रक्रियाओं के साथ अनुमति प्राप्त कर ली गई थी। इस अधिवेशन में देश-विदेश से हजारों पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक भाग लेने वाले थे।फिर भी, आरएसएस-बीजेपी के षड्यंत्र के कारण अनुमति अचानक रद्द कर दी गई, जो संवैधानिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।आज का धरना एवं ज्ञापन सौंपने का विवरण:
माननीय बामसेफ एवं भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री वामन मेश्राम जी के निर्देशानुसार, दिनांक 15 जनवरी 2026 को जिला छिंदवाड़ा कलेक्टर परिसर ग्राउंड पर मूलनिवासी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने चार चरणों में धरना-आंदोलन का सफल आयोजन किया। इस अवसर पर राष्ट्रिय राष्ट्रीय भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रिय मुस्लिम मोर्चा, राष्ट्रिय पेंशनर्स मोर्चा एवं मेहरा समाज महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बलदास डेहरिया जी सहित विभिन्न सामाजिक संगठन उपस्थित रहे। दूसरे चरण में यह ज्ञापन सौंपा गया।मांगें:अधिवेशन की अनुमति तत्काल बहाल की जाए।ओबीसी की जाति-आधारित जनगणना के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।आपसे निवेदन है कि इस मामले में त्वरित न्यायोचित कार्रवाई करें।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


