आपातकालीन सेवा देने वाले विभाग कभी भी बंद नही होते और न ही इन विभागों मैं ताला लगाया जाता, उसके बाबजूद भी कटनी जिले की रीठी सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र क्षेत्र की प्राथमिक स्वाथ्य केंद्र बड़गांव अस्पताल में ताला लगा छुट्टी जैसा माहौल निर्मित रहा। दिन भर अस्पताल में ताला लटका रहा। यहां तक कि आपातकालीन सेवाएं भी पूरी तरह ठप रही। कोई भी मरीजों को देखने व सुनने वाला नहीं था। इमरजेंसी ड्यूटी के डाक्टर व स्टाफ भी अपनी जिम्मेदारी भूलकर नदारत रहे l इन स्वस्थ्य कर्मचारियों को अस्पताल व मरीजों की तनिक भी परवाह नहीं दिखी।
नाम न बताने की शर्त पर एक पिता अपनी बच्ची का इलाज कराने आए थे। पर उन्हें अस्पताल पर ताला लगा मिला। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी कोई चिकित्सक या कर्मचारी वहां नहीं पहुंचे जिसके चलते उन्हें बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। जबकि नियानुसार बोर्ड पर डॉक्टर सहित आठ स्वास्थ्य कर्मचारियों का नाम अंकित किया गया है l उसके बावजूद भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल में ताला लगा होना लापरवाही को उजागर कर अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है ।
जबकि शासन ने लाखों रुपए खर्च कर डॉक्टर व कर्मचारियों की सुविधा हेतु सरकारी क्वार्टर भी बनाए गए हैं l परंतु कर्मचारियों के न रहने से वह भी खंडहर में तब्दील होने लगे हैं l
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र पर इस तरह की लापरवाही पहले भी देखी जा चुकी है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराने और इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है।
हरिशंकर बेन


