कटनी। सरकारी विभागों में, से पुलिस विभाग एक ऐसा विभाग हैlजिसके पास कई जिम्मेदारियां होती हैं, चाहे आगजनी हो घटना दुर्घटना हो, लड़ाई झगड़ा हो राजनीतिक कार्य हो या अन्य सरकारी कार्य जिसमें पुलिस अपनी अहम भूमिका निभाती है और नागरिकों की सुरक्षा भी करती है l इसी कड़ी में जिले में 18 थाने और 7 चौकिया हैं और कई थानों में पुलिस बल की बहुत कमी है अगर हम बात करें रीठी थाने की तो रीठी थाना 21 लोगों का स्टाफ है जिसमें 80 से 85 गांव आते हैं अब ऐसे में पुलिस बल की भारी कमी दिख रही है l जबकि स्वीकृत बाल 42 होना अनिवार्य है l फिर भी 82 गांव का दायित्व निभाने के लिए पुलिस बल आधा है l जिससे पुलिस को थाना क्षेत्र की सुरक्षा ब्यवस्था दुरूस्त करने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। रात्रि गश्त मे किसकी ड्यिुटी लगाई जाए इसके लिए पुलिस अधिकारी को दिमाक पर जोर देना पड़ पड़ता है ।
आलम यह है कि बल की कमी और ज्यादा पद रिक्त पड़े हुए हैं।
ऐसी स्थिति मे थाने क्षेत्र की सुरक्षा मैं पुलिस की मुस्किले बढ़ जाती हैं l
जनसंख्या तो बड़ी, फिर भी नहीं बड़ा बल,,,,,,
जिले सहित देश मे पुलिस बल को लेकर पद की स्वीकृति आजादी के बाद की, आवादी के आधार पर किया गया है। इस दौरान क्षेत्र की आवादी दोगुनी से ज्यादा बड़ी है, वहीं अपराध मे भी बेतहासा वृद्धि हुई है किंतु शासन स्तर से आवादी को आधार बनाकर बल की बढोत्तरी करना उचित नहीं समझा जा रहा है। जितने बल की स्वीकृति भी दी गई है वह पद भी रिक्त पड़े हुए हैं। जिस तेजी से आबादी बड़ रही है उस हिसाब से थाने का पुलिस बल काफी कम है। बल की कमी के कारण घटित अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता है।
रीठी थाना क्षेत्र मैं 80 से 85 गांवों का भार है। और दिन प्रतिदिन बड़ रही आबादी के साथ साथ अपराधो की संख्या, लेकिन जवानों की संख्या मैं कोई हिजाफा नही है l रीठी व आसपास के क्षेत्रों में होने वाले विभिन्न आयोजनों में या वीआईपी ड्यूटी में भी जवानों को लगाया जाता है। कुछ पुलिस जावान दिन रात लिखा पढ़ी में लगे रहते हैं l तो दो जवानों को न्यायालयीन कार्य में लगना पड़ता है। कोई बड़ा धार्मिक आयोजन होता है तो बाहर के थानों से पुलिस बल बुलाकर व्यवस्थाएं करवाना पड़ती है।और यदि ऐसे में कोई कही अप्रिय घटना घटित हो जाए तो उसका कारण भी पुलिस के सिर पर फूटता है। न जाने आखिर कब शासन इस ओर ध्यान देना मुनासिफ समझेगी । ताकि हर थाने मैं स्वीकृति बल के हिसाब से जावानों की तैनाती हो सकेl
और पुलिस मानसिक तनाव से छुटकारा पा अपराधो पर अंकुश तथा क्षेत्र की सुरक्षा सरलता पूर्वक हो सके ।
इस संबंध मैं रीठी थाना प्रभारी मुहम्मद शाहिद का कहना है कि थाने मैं बल की कमी है ,बल की पूर्ति हेतु अधिकारियों को मांग पत्र भेज दिया गया ,शीघ्र ही बल की पूर्ति हो जायेगी ।
वही इनका कहना है
जिले के लगभग सभी थानों में पुलिस बल की कमी है वर्तमान में लगभग 850 के करीब पुलिस बल है जबकि 1300 पुलिस बल होना चाहिए इसके लिए समय-समय पर ऊपर जानकारी भेजी जाती है
डॉ संतोष डेहरिया एडिशनल एसपी
हरिशंकर बेन


