मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है। इंदौर में मीडिया से रूबरू होते हुए पटवारी ने प्रदेश की बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और प्रशासनिक भ्रष्टाचार को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
सड़कों की दयनीय स्थिति पर तंज कसते हुए पटवारी ने कहा कि आज प्रदेश में विकास के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट को घेरते हुए कहा कि हर विभाग भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है, जिसका असर सड़कों पर साफ दिख रहा है। पटवारी ने कहा, “डामर की सड़कों की हालत ऐसी है कि जैसे दरी बिछी हो, जिसे जब चाहे एक जगह से दूसरी जगह समेट कर रख दो।” उन्होंने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि सरकार का एक भी मंत्री सीना ठोक कर यह नहीं कह सकता कि वह भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं है।
किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए पटवारी ने सरकार को ‘किसान विरोधी’ करार दिया। उन्होंने खाद संकट का उल्लेख करते हुए निम्नलिखित आरोप लगाए:
मंत्री नागर सिंह के भाई का मामला: पटवारी ने कहा कि खाद की मांग करने पर मंत्री नागर सिंह के भाई द्वारा लोगों के साथ मारपीट की गई, जो सत्ता के अहंकार को दर्शाता है।
100 जगहों पर लाठीचार्ज: उन्होंने दावा किया कि खाद के लिए कतारों में लगे किसानों पर प्रदेश में कम से कम 100 जगहों पर लाठियां चलाई गई हैं।
किसानों से आह्वान: पटवारी ने किसानों से अपील की कि वे अपने हक के लिए जागें और इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाएं।
आर्टिकल के मुख्य बिंदु (Highlights):
मोहन यादव सरकार पर निशाना: जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा।
सड़कों का बुरा हाल: सड़कों की तुलना ‘दरी’ से की, खराब निर्माण गुणवत्ता पर उठाए सवाल।
किसानों की बदहाली: खाद की भारी कमी और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सरकार की घेराबंदी।
मंत्री के परिजनों का व्यवहार: सत्ता के दुरुपयोग और मारपीट के गंभीर आरोप।


