शहडोल, मध्यप्रदेश।
पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां युवक-युवती को ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलने के आरोप में कोतवाली में पदस्थ दो आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई सख्त कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, पांडवनगर बीट पर तैनात आरक्षक पप्पू यादव और आलोक मिंज को यह सूचना मिली थी कि एक युवक किराए के मकान में युवती के साथ रह रहा है। दोनों आरक्षक मौके पर पहुंचे और कमरे में युवक-युवती को आपत्तिजनक स्थिति में पाकर मोबाइल से वीडियो बना लिया।
इसके बाद आरक्षकों ने वीडियो वायरल करने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर युवक से पैसों की मांग शुरू कर दी। दबाव में आकर युवक ने अपने परिचितों से पैसे जुटाए और लगभग तीन लाख रुपये आरक्षकों को सौंप दिए।
जब मामले की जानकारी युवक के परिजनों को हुई, तो उन्होंने उसे तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की सलाह दी। युवक ने पूरे मामले के साक्ष्यों के साथ पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव से शिकायत की। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल जांच करवाई। जांच में दोनों आरक्षक दोषी पाए गए।
एसपी ने देर रात दोनों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं और विभागीय जांच भी प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है और आम जनता में भी आक्रोश देखा जा रहा है।मीडिया सूत्र


