भोपाल। अजाक्स के प्रदेश अध्यक्ष संतोष वर्मा के एक विवादित बयान को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमाया हुआ है। बयान के बाद जहां ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है, वहीं राजनीतिक दलों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। माफी और सफाई के बावजूद विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा।
थाने पहुंचा ब्राह्मण समाज, सौंपा ज्ञापन
मंगलवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सदस्य भोपाल के एमपी नगर थाने पहुंचे। यहां प्रदर्शन करते हुए उन्होंने संतोष वर्मा के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिस को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की। समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
महिला मोर्चा ने जताई नाराज़गी
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सावित्री तिवारी ने बयान को समाज की बेटियों के सम्मान से जोड़ते हुए इसे बेहद आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भाषा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रिया
विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश मीडिया अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि आरक्षण किसी की निजी जागीर नहीं है और इस तरह की भाषा समाज को बांटने का काम करती है। उन्होंने बयान की कड़ी निंदा की।
वहीं, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे गैर-जिम्मेदार और मूर्खतापूर्ण बयानों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी बेटियों का सम्मान सर्वोपरि है और समाज में नफरत फैलाने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
संतोष वर्मा की सफाई
विवाद बढ़ने पर संतोष वर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि 27 मिनट के भाषण में से सिर्फ 9 सेकंड का हिस्सा वायरल किया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी समाज को आहत करना नहीं था और यदि किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं।
अब आगे क्या?
फिलहाल मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है। ब्राह्मण समाज की ओर से लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही है, वहीं प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है।


