जबलपुर में सोमवार को वकीलों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के हाईकोर्ट क्षेत्र में सैकड़ों अधिवक्ता सुबह से ही इकट्ठा हुए और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करते हुए चक्का जाम कर दिया। वकीलों ने मानव श्रृंखला बनाकर राज्य सरकार को साफ संदेश दिया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
वकीलों का कहना है कि वर्षों से लंबित एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट अब तक लागू न होना न्यायिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार ने 2012 में भोपाल में अधिवक्ता चौपाल में आश्वासन दिया था कि कानून जल्द बनेगा, लेकिन आज तक फाइल आगे नहीं बढ़ी।
जिला अधिवक्ता संघ ने बताया कि अदालत परिसर में बुनियादी सुविधाएँ भी अधूरी हैं। नए जिला एवं सत्र न्यायालय को बने पाँच साल हो चुके हैं, पर ऑडिटोरियम अभी तक पूर्ण नहीं हुआ। दो बार मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा गया और मुख्यमंत्री से भी अपील की गई, फिर भी निर्माण कार्य कागज़ों से आगे नहीं बढ़ सका।
वकीलों की मुख्य मांगें—
- हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं की बैठक हेतु भवन का त्वरित निर्माण
- एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करना
- जिला न्यायालय परिसर में लंबित ऑडिटोरियम निर्माण कार्य पूर्ण कराना
अधिवक्ता संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई गई, तो वे न्यायिक कार्य से विराम लेने जैसे कड़े कदम उठाने पर भी मजबूर होंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कोशिश यही रहेगी कि आम नागरिक और पक्षकार किसी प्रकार की परेशानी का सामना मीडिया सूत्र


