सीएम मोहन यादव ने लॉन्च किया ‘शालिनी ऐप’, मिलेगा योजनाओं का वन-स्टॉप सॉल्यूशन**
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर मध्य प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इसी अवसर पर जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगूभाई पटेल की उपस्थिति में ‘शालिनी ऐप’ को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। यह ऐप जनजातीय कार्य विभाग की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य आदिवासी समुदाय तक सरकारी योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में पहुँचाना है।
क्या है ‘शालिनी ऐप’?
यह ऐप आदिवासी समुदाय के लिए एक डिजिटल गाइड की तरह काम करेगा।
- योजनाओं की जानकारी हिंदी में पढ़ने और सुनने की सुविधा
- चैटबॉट व कॉल सपोर्ट से किसी भी योजना संबंधी प्रश्न का समाधान
- सरकारी योजनाओं की आवेदन प्रक्रिया और आवेदन की स्थिति देखने की सुविधा
- आवासीय विद्यालयों व छात्रावासों की लोकेशन और जानकारी
- जनजातीय नायकों की प्रेरक कहानियाँ
यह ऐप जनजातीय समुदाय को सरकारी सेवाओं से जोड़ने में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
जनजातीय छात्रावासों को नए नाम, 5 हजार नई भर्तियों की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी कीं।
- जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित सभी कन्या छात्रावासों व आश्रमों का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाएगा।
- वहीँ बालक छात्रावासों को अब महाराजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के नाम से जाना जाएगा।
- छात्रावासों के सुचारू संचालन के लिए सरकार ने वर्ष 2026 में 5,000 छात्रावास अधीक्षकों की भर्ती करने का बड़ा फैसला लिया है।
सीएम ने कहा कि यह कदम आदिवासी युवाओं के लिए शिक्षा और रहने की गुणवत्ता को और बेहतर करेगा।


