कटनी। जिले की स्लीमनाबाद तहसील में गुरुवार को बड़ा हंगामा हो गया। ग्राम सलैया फाटक के सरपंच बसोरी लाल यादव उर्फ आफत यादव तहसील परिसर में घुस गए और वहां मौजूद आदिवासी महिला तहसीलदार सारिका रावत से अभद्रता करते हुए तेज आवाज में धमकियाँ देने लगे। सरपंच ने मौके पर स्टाफ के सामने “राज चल रहा है तुम्हारा… राजस्व विभाग का पुतला बनाकर जूता–जूता मारूँगा” जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
घटना के बाद महिला तहसीलदार ने पूरे मामले की लिखित शिकायत 14 नवंबर 2025 को स्लीमनाबाद थाने में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सरपंच के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या था पूरा मामला?
महिला तहसीलदार ने शिकायत में बताया कि सरपंच की पूर्व शिकायत पर ग्राम सलैया फाटक की शासकीय भूमि (ख.नं. 158 व 160) से अवैध कब्जा हटाने के लिए 14 नवंबर को टीम भेजी गई थी। लेकिन मौके पर कब्जाधारी की पत्नी ने हाथ में ज़हर लेकर आत्महत्या की धमकी दे दी, जिसके कारण कार्रवाई रोकनी पड़ी। उस समय पुलिस बल भी मौजूद नहीं था।
इसी बात को लेकर सरपंच दोपहर करीब 2 बजे तहसील पहुँचा और गुस्से में तहसीलदार पर चिल्लाने लगा। तहसीलदार के अनुसार सरपंच ने बार-बार धमकियाँ दीं और स्टाफ की मौजूदगी में उनके आदिवासी होने पर अपमानजनक भाषा का भी प्रयोग किया।
घटना के समय ये कर्मचारी थे मौजूद
- पटवारी अजय मार्को
- रीडर सोनल मिश्रा
- सर्वेश मिश्रा
- दुर्गेश बर्मन
- निजी ऑपरेटर
सभी ने सरपंच के व्यवहार को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
पहले भी दे चुका है धमकी
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि सरपंच पहले भी कई बार शासकीय कार्यों में बाधा डाल चुका है।
10 नवंबर को पुरानी तहसील से नई तहसील में सामग्री स्थानांतरण के समय भी उसने धमकी देते हुए कहा था कि “उद्घाटन में ही आंदोलन करूंगा”।
महिला तहसीलदार का कहना है कि सरपंच लगातार उनके आदिवासी होने को लेकर अपमानजनक भाषा का प्रयोग करता है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
थाना प्रभारी सुदेश कुमार सुवन ने बताया कि शिकायत के आधार पर सरपंच बसोरी लाल यादव के खिलाफ धारा 221, 351(2), 3(1)द, 3(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। विवेचना जारी है।
पहले भी हुआ था प्रकरण दर्ज
यह पहला मौका नहीं है जब सरपंच पर कार्रवाई हुई है।
12 दिसंबर 2023 को तत्कालीन नायब तहसीलदार मौसमी केवट के साथ भी इसी तरह की अभद्रता का मामला दर्ज हो चुका है।


