कटनी। शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी का परिसर 14 नवंबर 2025 को रंग, सुर, ताल और सांस्कृतिक उमंग से सराबोर रहा। जिला स्तरीय अंतर-महाविद्यालयीन अभिनय एवं सांस्कृतिक विधाओं के इस भव्य उत्सव के दूसरे दिन छात्राओं की प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बाँधा कि दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए।
कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके साथ ही माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंग गया।
सुर-ताल और अदाओं ने जीता दिल
एकल गायन शास्त्रीय, सुगम और पाश्चात्य, एकल शास्त्रीय नृत्य, वादन परकुशन-नॉन परकुशन, समूह गायन भारतीय-पाश्चात्य और समूह/लोकनृत्य—हर मंच ने प्रतिभाओं को अपनी चमक बिखेरने का अवसर दिया।
छात्राओं की दमदार प्रस्तुतियों ने साबित किया कि कटनी की युवा शक्ति में कला की गजब की ऊर्जा और कौशल है।
अतिथि विशिष्ट, माहौल भव्य
मुख्य अतिथि के रूप में मुड़वारा विधायक श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल मंच पर उपस्थित रहे, वहीं विशिष्ट अतिथियों में जिला भाजपा अध्यक्ष श्री दीपक टंडन सोनी, श्री आशीष गुप्ता और जिले के प्रमुख महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
मुख्य अतिथि ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए विजेताओं के लिए प्रोत्साहन राशि की घोषणा भी की, जिससे उत्साह चरम पर पहुँच गया।
कई महाविद्यालयों ने दिखाई अपनी प्रतिभा की चमक
कटनी जिले के अनेक प्रमुख महाविद्यालय—तिलक कॉलेज, बरही, ढीमरखेड़ा, स्लीमनाबाद, बड़वारा, कैमोर, पानउमरिया, साईंनाथ इंस्टीट्यूट और बारडोली कॉलेज—ने अपनी शानदार सांस्कृतिक टीमों के साथ हिस्सा लिया।
निर्णायकों की सटीक परख और अनुशासित प्रबंधन
गायन-वादन और नृत्य के विशेषज्ञ निर्णायकों ने बेहद निष्पक्षता से प्रतिभाओं का मूल्यांकन किया।
प्रतिवाद और गणना समितियों ने भी अपनी जिम्मेदारियाँ बेहद अनुशासित तरीके से पूरी कीं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजयकांत भारद्वाज एवं डॉ. रीना मिश्रा ने अपनी उम्दा एंकरिंग से यादगार बना दिया।
प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात का नेतृत्व रहा केंद्र में
प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने अपने संदेश में बताया कि यह मंच छात्राओं के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण अवसर है और हमारी सांस्कृतिक विरासत की निरंतरता का प्रतीक भी।
शिक्षकों की भारी उपस्थिति ने बढ़ाया कार्यक्रम का गौरव
महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने पूरे आयोजन को और अधिक उत्साहपूर्ण और गरिमामय बना दिया।
निष्कर्ष
शासकीय कन्या महाविद्यालय कटनी का यह युवा उत्सव न सिर्फ सांस्कृतिक विविधता का उत्सव था, बल्कि नई प्रतिभाओं को पहचान देने और कला को प्रोत्साहन देने का एक सफल, भव्य और यादगार आयोजन साबित हुआ।



