बिना सुरक्षा के मजदूरों से कार्य करवाना एक गंभीर समस्या है, जो मजदूरों के जीवन और स्वास्थ्य को खतरे में डालती है। ठेकेदारों द्वारा बिना सुरक्षा के मजदूरों से कार्य करना एक उनका शोषण करने के बराबर है जो यह एक अपराध की श्रेणी मैं आता है l जबकि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार ने श्रम कानून, कामगार मुआवजा अधिनियम, आदि कई कानून बनाए है और इन कानूनों के तहत मजदूरों को सुरक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाएं प्रदान करना ठेकेदारों की जिम्मेदारी होती है। उसके बाद भी ठेकेदार अक्सर मजदूरों से बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कराकर उनकी जान जोखिम में डालते हैं,और मजदूर भी अपनी जान हथेली पर लेकर काम करने को मजबूर है , जिसके कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। यह कई जगहों पर एक आम समस्या है, जिसमें निर्माण स्थलों पर मजदूरों के लिए हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और सुरक्षा जाली जैसे अनिवार्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं। यह लापरवाही श्रमिकों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है l
गौरतलब यह है कि कटनी बीना रेलखंड मैं गेट क्रमांक 102 सीपीएल देवरी फाटक मैं आवा भगवान की सुविधा हेतु बना रहे ओवर ब्रिज में निर्माण एजेंसी के ठेकेदारों द्वारा मनमाने के तरीके बिना सुरक्षा के मजदूरों से कार्य कराया जा रहा है । जिसका खमीजा गरीब मजदूरों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ सकता है l इसके पूर्व विगत वर्ष भी ठेकेदार की लापरवाही से क्रेन हादसे से कई लोग घायल हो गए थे जिन्हे इलाज हेतु जिला अस्पताल भेजा गया था ।
उसके बावजूद भी ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जा रही है ।
अब देखना यह है कि इस संबंध में संबंधित उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं ।
हरिशंकर बेन


