*मानसिक स्वास्थ्य कोई ‘अभिशाप नहीं, उपचार संभव’*
छिन्दवाड़ा/05 नवंबर 2025/ पांढुर्णा जिले के सौंसर विकासखंड के जामसांवली में बुधवार को नागरिकों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता स्टॉल लगाया गया। यह आयोजन संस्थान द्वारा संचालित सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया। संस्था कार्यकर्ताओं ने नागरिकों को पोस्टर-पम्पलेट और परामर्श के माध्यम से मानसिक रोगों के प्रकार, उनके उपचार और निदान की जानकारी दी।
संस्था कार्यकर्ताओं ने नागरिकों को मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए बताया कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान केवल मनोचिकित्सक के परामर्श और उचित उपचार से ही संभव है। सही इलाज से रोगी सामान्य जीवन जी सकता है। श्रद्धालुओं को यह संदेश भी दिया गया कि मानसिक बीमारी कोई अभिशाप नहीं, बल्कि यह एक उपचार योग्य चिकित्सा स्थिति है। संस्था द्वारा मंदिर परिसर में संचालित मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र में हर माह पहले और तीसरे मंगलवार को मनो चिकित्सीय ओपीडी का आयोजन किया जाता है, जिसमें रोगियों को विशेषज्ञों से नि:शुल्क परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी स्टॉल का अवलोकन कर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की। संस्था निदेशक श्री विजय धवले ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों और कलंक को दूर करने, लोगों को शिक्षित करने और समय पर उपचार की दिशा में मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जा रहा है।
*संवाददाता शुभम सहारे पांढुर्णा*


