रीठी सरकारी अस्पताल में हाल ही में तीन डॉक्टरों की एक साथ ज्वॉइनिंग कराई गई। पर सूत्रों की रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि जिनमें से केवल एक डॉक्टर कभी कभार ड्यूटी दे रहे हैं, जबकि शेष दो ज्वॉइनिंग के बाद से अस्पताल में दिखाई नहीं दिए। फिरहाल नेत्र सहायक चिकित्सक और एएनएम ओपीडी संभाल रही है ।
सवाल यह उठ रहा है कि क्या इनकी जगह कोई और ड्यूटी कर रहा है और क्या बीएमओ की मिलीभगत से वे भुगतान लेते रहते हैं — यह विषय जाँच का मांग करता है।
अस्पताल में भेजे गए डॉक्टर: विधि जैन, अनूप साहू और सतेंद्र चौधरी। सूत्रों के अनुसार: सतेंद्र चौधरी कभी कभार आते है l जबकि विधि जैन और अनूप साहू ज्वॉइनिंग के बाद से अनुपस्थित बताए जा रहे हैं।
यदि हाज़री प्रणाली में असलियत नहीं दिखाई दे रही तो उसके आधार पर पेमेंट कैसे जारी हो रही है — यह वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ी की आशंका जगाता है।
विस्तार (रिपोर्टिंग प्वाइंट्स):
1.अस्पताल रजिस्टर और बायोमेट्रिक/ऑनलाइन हाज़री लॉग की जांच जरूरी है — क्या उन दोनों डॉक्टरों की रोज़ाना हाज़री दर्ज हो रही है या नहीं?
2.यदि हाज़री दर्ज हो रही है तब भुगतान किस आधार पर हो रहा है — ज्वॉइनिंग के बाद भौतीक उपस्थिति (फिजिकल प्रेजेंस) न होने के बावजूद पेमेंट जारी होना बड़ी चिंता की बात है।
3.अस्पताल की ड्यूटी शिफ्ट कौन संभाल रहा है —क्या अन्य स्टॉफ/कन्ट्रैक्ट पद रहीम/स्थानीय चिकित्सक की मदद ली जा रही है? यह स्पष्ट होना चाहिए कि रोगियों का इलाज प्रभावित तो नहीं हुआ।
4.बीएमओ/सचिवालय स्तर पर किसने डॉक्टरों की तैनाती की और उपस्थिति सत्यापन की क्या व्यवस्था थी —जवाबदेही तय करनी होगी।
स्थानीय वहीं सूत्र बताते हैं कि ज्वॉइनिंग के बाद से डॉक्टर अस्पताल में नहीं दिखे हैं, पर उनकी पेमेंट जारी होने की जानकारी मिल रही है।” — ऐसे वाक्यों को रिपोर्ट में ‘सूत्रों के अनुसार’ लिखकर पेश किया जाना चाहिए ताकि स्पष्ट रहे कि ये फ़िलहाल आरोप हैं, जांच का विषय हैं।
तुरंत अस्पताल के हाज़री रजिस्टर और फ्रॉड-चेक के लिए वित्तीय रिकॉर्ड की स्वतंत्र जाँच करवाई जाए।
बीएमओ से आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा जाए — क्या दावे सही हैं, और यदि सही तो अनुपस्थित डॉक्टरों के भुगतान का आधार क्या रहा?
यदि हाज़री में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठनी चाहिए और दोषियों से वापस वसूली व अन्य कानूनी कार्रवाई पर विचार होना चाहिए। साथ ही, जनता को भरोसा दिलाने के लिए अस्पताल प्रशासन को परस्थिति/शिफ्ट चार्ट सार्वजनिक करने चाहिए।
समापन लाइन (ब्रॉडकास्ट के लिए) रीठी सरकारी अस्पताल के इन आरोपों की सत्यता सार्वजनिक जांच से ही सामने आ सकेगी।
इनका कहना है
सभी डॉक्टर यूनियन बनाकर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं इसकी जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी को है ।
बीएमओ डॉ मेघेंद श्रीवास्तव


