इंदरगढ़ के खैरापति मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन आज शास्त्री विपनेश कुमार द्वारा गोवर्धन पूजा की कथा भक्तों को सुनाई गई कथावाचक विपिन कुमार ने बताया कि जब इंद्र का अभिमान बाद तो भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र की पूजा ना करवा कर गोवर्धन पर्वत पर जाकर सभी वृंदावन वासियों को ले जाकर गोवर्धन भगवान की पूजा करवाई जिससे नाराज होकर इंद्र ने घनघोर वर्षा करवरकर वृंदावन को तहस-नए करना चाह इसके बाद भगवान श्री कृष्ण ने हाथ की छोटी उंगली पर वृंदावन के ग्रामीणों की रक्षा करने के लिए गोवर्धन पर्वत को उठा लिया गोवर्धन पर्वत के नीचे सभी वृंदावन वासी ग्वाल-बाल सुरक्षित हो गए इसके बाद इंद्र का अभिमान टूट चूर-चूर हो गया और भगवान श्री करण के चरणों में गिरकर माफी मांगी जब से गोवर्धन पूजा शुरू हुई परीक्षित बांकेलाल पाल ने बताया 30 तारीख को कथा का समापन है और 31 तारीख को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा इस मौके पर सैकड़ो भक्त मौजूद रहे और कथा का रस पर किया


