केंद्र सरकार ने बुधवार (22 अक्टूबर 2025) को Information Technology Rules, 2025 का मसौदा जारी किया है। यह ड्राफ्ट मौजूदा IT Rules, 2021 में बड़ा संशोधन है और सीधे तौर पर सोशल मीडिया यूज़र्स व AI कंटेंट क्रिएटर्स को प्रभावित करेगा।
सरकार ने नए नियमों में ‘Synthetically Generated Information’ शब्द जोड़ा है — यानी ऐसा डिजिटल कंटेंट जो AI या किसी सॉफ्टवेयर की मदद से बनाया या बदला गया हो, ताकि वह असली लगे।
🧾 नए IT Rules 2025 के प्रमुख प्रावधान
- हर AI कंटेंट पर लेबल अनिवार्य — अब कंपनियों को यह बताना होगा कि कंटेंट AI से बनाया गया है।
- वीडियो कंटेंट में लेबल स्पष्ट दिखे — ‘AI Generated’ टैग कम से कम 10% स्क्रीन पर साफ दिखाई देना चाहिए।
- ऑडियो कंटेंट में घोषणा जरूरी — शुरुआत के 10% हिस्से में यह सुनाई देना चाहिए कि कंटेंट AI से बना है।
- लेबल हटाना या छेड़छाड़ गैरकानूनी — प्लेटफॉर्म की अनुमति के बिना टैग या मेटाडेटा हटाना संभव नहीं होगा।
💡 इन नियमों से जनता को क्या फायदा होगा?
सरकार का कहना है कि इन बदलावों से डीपफेक (Deepfake) और फर्जी कंटेंट पर लगाम लगेगी।
- यूज़र्स को “AI Generated” टैग दिखाई देगा, जिससे फर्जी भाषण, झूठे MMS या गलत सूचना से बचाव होगा।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Facebook, Instagram, X (Twitter) और YouTube पर कंपनियों की जवाबदेही तय होगी।
- अब कंटेंट अपलोड करते समय यूज़र से यह पूछा जाएगा — “क्या यह कंटेंट AI से जनरेट किया गया है?”
- प्लेटफॉर्म को खुद भी टेक्निकल टूल्स से कंटेंट की जांच करनी होगी।
अगर कोई कंपनी जानबूझकर बिना लेबल वाले डीपफेक कंटेंट को फैलने देती है, तो उसे जिम्मेदारी में लापरवाही माना जाएगा और कार्रवाई संभव होगी।
📢 सुझाव के लिए खुला है ड्राफ्ट
फिलहाल सरकार ने इसे ड्राफ्ट के रूप में जारी किया है। इसे लागू करने से पहले आम जनता, टेक कंपनियों और विशेषज्ञों से सुझाव व आपत्तियाँ आमंत्रित की जाएंगी।


