ग्वालियर की सीएसपी हिना खान बनीं हीरो, सिवनी की पूजा पांडेय बनीं जांच का विषय
एक ही वर्दी, दो तस्वीरें — हिना खान के शांत स्वभाव की तारीफ, पूजा पांडेय पर केस
मध्य प्रदेश पुलिस की दो महिला अधिकारी इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई हैं — लेकिन वजहें बिल्कुल विपरीत हैं।
एक तरफ हैं सिवनी की सीएसपी पूजा पांडेय, जिन पर करोड़ों के हवाला घोटाले में संलिप्त होने का आरोप लगा है, वहीं दूसरी ओर हैं ग्वालियर की सीएसपी हिना खान, जिन्होंने अपनी सूझबूझ और शांत स्वभाव से तनावग्रस्त माहौल को संभालकर कानून-व्यवस्था की मिसाल पेश की।
🔹 ग्वालियर की सीएसपी हिना खान — सूझबूझ से टली संभावित हिंसा
ग्वालियर में पिछले कुछ दिनों से जातीय तनाव का माहौल बना हुआ था।
इसी बीच, एक समुदाय के लोगों ने शहर में रामायण पाठ कराने की अनुमति मांगी, जिसे प्रशासन ने अस्थायी रूप से रोक दिया।
निर्णय से नाराज़ भीड़ नारेबाज़ी करने लगी — तब मौके पर मौजूद सीएसपी हिना खान ने परिस्थिति को समझते हुए वही नारे लगाए, जो भीड़ लगा रही थी — “जय श्री राम”।
लेकिन फर्क यह था कि उन्होंने भीड़ के साथ नारे लगाकर माहौल को शांत कर दिया।
भीड़ ने प्रतिक्रिया में आक्रोश छोड़ दिया और पुलिस के साथ सहयोग करने लगी।
यह छोटा-सा कदम सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, और देशभर में लोग सीएसपी हिना खान की सूझबूझ और धर्मनिरपेक्ष नेतृत्व की सराहना कर रहे हैं।
एक यूज़र ने लिखा — “हिना खान ने दिखाया कि धर्म से ऊपर कानून और शांति सर्वोपरि है।”
🔹 सिवनी की सीएसपी पूजा पांडेय — हवाला कांड में फंसीं
वहीं दूसरी ओर, सिवनी जिले की सीएसपी पूजा पांडेय एक गंभीर मामले में घिर गई हैं।
आरोप है कि 8 से 9 अक्टूबर की रात उन्होंने और उनकी टीम ने हवाला कारोबारियों से करीब 3 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की — लेकिन वह रकम थाने नहीं पहुँची।
मामले के उजागर होने पर हड़कंप मच गया।
सरकार ने तत्काल पूजा पांडेय को निलंबित कर दिया और उन पर तथा 10 अन्य पुलिसकर्मियों पर डकैती, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
फिलहाल, जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के सुपुर्द कर दी गई है और पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है।
🔹 एक ही राज्य, दो तस्वीरें
दोनों घटनाएँ बताती हैं कि एक ही वर्दी में कितने अलग चेहरे हो सकते हैं।
जहां सीएसपी हिना खान अपने संयम और समझदारी से पुलिसिंग का मान बढ़ा रही हैं, वहीं सीएसपी पूजा पांडेय पर लगे आरोप विभाग की छवि धूमिल कर रहे हैं।
इन दोनों घटनाओं ने न सिर्फ पुलिस विभाग बल्कि आम नागरिकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है —
कि ईमानदारी और विवेक ही वर्दी की असली शान हैं।


