कटनी पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित सड़क सुरक्षा पर एक रिव्यू मीटिंग के बारे में जानकारी दी गई है। इस बैठक की अध्यक्षता माननीय श्री अभय मनोहर सप्रे ने की, जो सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और SCCORS समिति के अध्यक्ष हैं। बैठक में पिछले 5 वर्षों के सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
*बैठक के मुख्य बिंदु और निर्देश:*
– माननीय श्री अभय मनोहर सप्रे ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
– पिछले पांच वर्षों में सड़क दुर्घटना में घायल हुए व्यक्तियों और मृतकों की संख्याओं पर गहन विश्लेषण किया गया।
– सड़क दुर्घटनाओं में कमी कर कुटनी जिले को “Zero Accidental Fatality District” बनाने का प्रयास करने हेतु निर्देश दिया गया।
*सड़क दुर्घटना के आंकड़े (2020-2024):*
वर्ष कुल दुर्घटनाओं की संख्या घायलों की संख्या मृतक संख्या
2020 871 1000 216
2021 971 1025 223
2022 1035 1259 226
2023 1066 1334 265
2024 1097 1381 270
इन आंकड़ों से पता चलता है कि कुल दुर्घटनाओं, घायलों और मृतकों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि हुई है। बैठक का उद्देश्य सड़क सुरक्षा में सुधार करना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
दस्तावेज़ सड़क सुरक्षा और हेलमेट अनिवार्यता के बारे में है, जो सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी (SCoRS) की अनुशंसाओं पर आधारित है। इसमें 2025 में दो पहिया और चार पहिया वाहनों से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े भी दिए गए हैं।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
– हेलमेट अनिवार्यता: सभी शासकीय कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाएगा। “No Helmet, No Attendance” नीति अपनाने का सुझाव दिया गया है।
– शिक्षण संस्थानों में जागरूकता: स्कूलों और कॉलेजों में हेलमेट की महत्ता और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
– शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई: जिले में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
– सड़क मरम्मत और रखरखाव: सड़कों पर गड्ढों को शीघ्र भरने और मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
– आरटीओ और पुलिस समन्वय: आरटीओ विभाग हेलमेट चेकिंग अभियान चलाएगा और जनता में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाएगा।
– सामूहिक जिम्मेदारी: सड़क सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है, न कि केवल पुलिस या प्रशासन की।
– वाहन रैली जागरूकता: यातायात नियमों और हेलमेट की अनिवार्यता के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए वाहन रैली का आयोजन किया जाएगा।
माननीय श्री सप्रे ने कहा है कि “जीवन अनमोल है” और सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करना हर व्यक्ति का नैतिक दायित्व है।
कोर्ट रोड सेफ्टी कमिटी देश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नीतिगत सुधार और जन-जागरूकता अभियानों पर काम कर रही है। इस कार्यशाला में अधिकारियों और प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।
पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि सड़क सुरक्षा के लिए हेलमेट चेकिंग, यातायात जनजागरूकता कार्यक्रम, और स्कूलों में ट्रैफिक शिक्षा जैसे अभियान चलाए जाएंगे।
जिला कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सिर्फ नियमों का पालन नहीं है, बल्कि यह नागरिक कर्तव्य भी है। प्रशासन सभी विभागों के साथ मिलकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए काम करेगा।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक प्रयास जारी रखने की अपील की गई। समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति नई सोच और गंभीरता का संदेश भी दिया गया।


