जिला शिक्षा अधिकारी की नाम आए दिन पेपर में न्यूज़ में समाचार चल रहा है कि स्कूलों में मध्यान भोजन को लेकर बहुत लापरवाही चल रही है लेकिन ना तो इसके ऊपर कोई अधिकारियों का ध्यान जाता है ना ही वहां के अधिकारी ध्यान देते हैं ऐसा ही एक मामला आज खापा कला विधानसभा छिंदवाड़ा का देखने को मिला जब हम स्कूल के अंदर गए तो तीन टीचर ऑफिस में गप्पे लड़ा रहे थे बच्चे क्लास में हल्ला कर रहे थे पढ़ने के समय पर ऑफिस में बैठकर टीचर लोग गप्पे लड़ा रहे थे जब हम अंदर गए तो खापा कला के टीचर संतोष चोरे नए सवाल पूछना चालू किया कि आप किसके परमिशन से अंदर आए हमने जब उनको कहा कि हम किसकी परमिशन लेकर आए आप बताइए तो उन्होंने डायरेक्टर जिला शिक्षा अधिकारी जेएस बघेल का नाम लिया और कहा कि हमारे अधिकारी ने कहा है कि कोई भी बाहर के व्यक्ति को अंदर आने की परमिशन नहीं दी जाती इसका मतलब यह है कि स्कूल के अंदर टीचर लोग अपनी मनमानी करते रहे और उनकी कमियां उजागर ना हो किसी डर के कारण पत्रकारों को डराना धमकाना चालू कर देते हैं जब हमने शिक्षक संतोष चोरे से बात की आप अधिकारी से फोन पर बात करेगा या हमारी बात करवा दीजिए क्योंकि हमारा फोन तो अधिकारी उठाते नहीं तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ने हुए कहा कि आप खुद ही बात करेगा और ऑफिस से बाहर भाग गए हम वहां बैठे हुए थे चौरे उन्होंने भी अपना पल्ला झड़ते हुए कहा कि कोई भी पत्रकारों अधिकारियों का लेटर लेकर अंदर आना चाहिए हम जिला शिक्षा अधिकारी से पूछना चाहते हैं कि अगर कोई ऐसे कानून बना है तो हमें भी बता दीजिएगा ताकि हमें कवरेज करने में आसानी होगी क्योंकि टीचरों की मनमानी पत्रकार उजागर करते हैं आए दिन मामले देखने को मिल रहे हैं अभी हाल ही मे चोरी ब्लॉक के स्कूल की खबर छपी थी की खुलेआम टीचर एक महिला शिक्षक को जान से मारने की धमकी दे रह उसके बावजूद भी जिला शिक्षा अधिकारी कुंभकरण की नींद सो रहे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता ऐसे में बच्चों का भविष्य क्या होगा इसके तरफ कलेक्टर महोदय ने ध्यान देना जरूरी है क्योंकि यह बच्चों के भविष्य का सवाल है देखते हैं अधिकारी क्या करते हैं ऐसे टीचरों को सस्पेंड करना चाहिए
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


