रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। विजयदशमी पर्व के अवसर पर ऐतिहासिक श्रीरामलीला महोत्सव पर दशहरा मैदान में रावण वध की लीला हुई और रावण के विशाल पुतले का दहन हुआ। रामलीला महोत्सव संयोजक प्रशांत दुबे मुन्नू ने बताया कि श्रीरामलीला में श्रीराम-रावण युद्ध में रावण के बलशाली भाई कुम्भकरण और पुत्र मेघनाद मृत्यु के बाद वह स्वयं युद्ध के लिए आता है। जहां श्रीराम और रावण के बीच आग्नेयास्त्रों भयंकर युद्ध प्रारम्भ हो जाता है। श्रीराम को पैदल और रावण को रथ पर युद्ध करते देख विभिषण को अधीर देखते हुए विभीषण प्रभु श्रीराम युद्ध के मैदान धीरज ,शौर्य ,बल और धर्म के उपदेश देते हैं। यहां सारे प्रयासों के विफल होने पर रावण एक अपावन यज्ञ करता है, उसे हनुमान और सुग्रीव आदि असफल कर देते है। फिर प्रभु श्रीराम अपने सारंग धनुष पर इकतीस बाणों को एक साथ रख कर संधान करके रावण का वध कर देते है। विजयदशमी के अवसर पर दशहरा उत्सव में 40 फिट के रावण का विशाल पुतला दहन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, कलेक्टर सोनिया मीना, पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस थोटा, रामलीला समिति अध्यक्ष पूर्व विधायक पं गिरिजाशंकर शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पं भवानी शंकर शर्मा ,नपा अध्यक्ष नीतू यादव, रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन अरुण शर्मा, मेला प्रबंधक वैभव शर्मा , रामलीला समिति सचिव योगेश्वर तिवारी , संयोजक प्रशांत दुबे मुन्नू भैया, अधिवक्ता अजय प्रकाश श्रीवास्तव, द्वारका प्रसाद वर्मा इत्यादि उपस्थित रहे। विजयदशमी के अवसर पर दशहरा मैदान में हजारों लोगों की की मौजूदगी में बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया और अतिथियों द्वारा विजयदशमी की शुभकामनाएं दी गई।


