कृषि विज्ञान केंद्र कटनी के वैज्ञानिक एवं कर्मचारी, साथी राष्ट्रव्यापी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल का एलान किया वन नेशन वन केवीके वन पॉलिसी नीति की मांग को लेकर केवीके कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रव्यापी आंदोलन
गौरतलब यह है कि देशभर के कृषि विज्ञान केंद्र केवीकेद्र के कर्मचारी अपनी गहरी चिंता व्यक्त करना चाहते हैं। यद्यपि सभी केवीके द मेजबान संगठन की परवाह किए बिना एक ही योजना के अंतर्गत कार्यरत हैं तथा समान दायित्वों और उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हैंए तथापि केवल लगभग 9 प्रतिशत कर्मचारी (66 केवीके जो प्रत्यक्ष रूप से आईसीएआर के अधीन हैं) को ही सभी सुविधाएँ एवं वैधानिक लाभ प्राप्त हो रहे हैं। शेष कर्मचारी जो राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAUs), राज्य विभागों और गैर सरकारी संगठनों (NGOs) के अधीन कार्यरत हैं, आज भी अनेक वैध अधिकारों से वंचित हैं।जबकि इन विषयों को हमने कई अवसरों पर उठाया है और बार बार सुधारात्मक कदम उठाने एवं “वन नेशन, वन केवीके पॉलिसी” लागू करने का अनुरोध किया है। किंतु लगातार प्रतिनिधित्व के बावजूद आईसीएआर. केवीके एवं गैर आईसीएआर केवीके के कर्मचारियों के बीच व्याप्त दीर्घकालिक असमानताएँ अब तक दूर नहीं हुई हैं। इस परिप्रेक्ष्य में, 16-17 सितम्बर 2025 को आयोजित फोरम की विस्तारित कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि हम लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज करेंगे। अतः दिनांक 23 सितम्बर 2025 को समस्त भारतवर्ष में सभी केवीके कर्मचारी एक दिवसीय पेन-डाउन स्ट्राइक एवं प्रदर्शन करेंगे। हम यह विशेष रूप से स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह कदम किसी प्रकार की अवज्ञा नहीं है, बल्कि न्याय, संवाद और सुधारात्मक कार्रवाई की अपील है। पिछले कई दशकों से समर्पण के साथ विकसित की गई केवीके प्रणाली को निष्पक्षता और समानता मिलनी चाहिए, ताकि वह पूरे उत्साह के साथ भारत के कृषकों की सेवा कर सके।
हरिशंकर बेन


