शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वाधान में और उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार “वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा” पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और शिक्षा की मूल भावना में निहित वसुधैव कुटुंबकम के महत्व को उजागर करना था।
*कार्यक्रम की मुख्य बातें:*
– *कार्यक्रम का शुभारंभ*: महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और वंदना के साथ हुआ।
– *मुख्य वक्ता*: श्री प्रफुल्ल सोनी, जिला समन्वयक, अखिल भारतीय गायत्री परिवार, कटनी ने भारतीय धर्म और संस्कृति की वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा और “सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः” पर आधारित विचारधारा को स्पष्ट किया।
– *विशेष सहयोग*: भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. साधना जैन का विशेष सहयोग रहा। उनके समन्वय और प्रयास से यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
*कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि और शिक्षक:*
– *डॉ. विमला मिंज*
– *डॉ. रश्मि चतुर्वेदी*
– *श्रीमती बन्दना मिश्रा*
– *डॉ. रोशनी पाण्डेय*
– *डॉ. अशोक शर्मा*
– *श्री भीम बर्मन*
– *श्री प्रेमलाल कॉवरे*
– *श्रीमती प्रियंका सोनी*
– *श्री आंजनेय तिवारी*
– *डॉ. पीसी कोरी*
– *डॉ. सोनिया कश्यप*
– *डॉ. प्रतिमा सिंह*
– *श्रीमती सृष्टि श्रीवास्तव*
– *डॉ. अनिल द्विवेदी*
– *डॉ. अशुतोष द्विवेदी*
– *डॉ. रंजना वर्मा*
– *डॉ. श्रद्धा वर्मा*
– *डॉ. अनिका वालिया*
– *डॉ. मैत्रेयी शुक्ला*
– *डॉ. अपर्णा मिश्रा*
– *सुश्री पूजा सिंह राजपूत*
इस व्याख्यान में बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं और उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।


