सरकारी अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर सीसीटीवी कैमरे बंद होना, एक चिंता का विषय है, खासकर जब मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा दांव पर हो।
हम बात कर रहे हैं कटनी जिले की रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की । जहां महीनो से सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हुए, यह कैमरे खराब हो गए है, या फिर कोई साजिश का एक हिस्सा है। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग सवालों के घेरे मैं है। यदि कैमरे खराब हो गए हैं तो यह अस्पताल प्रबंधक की लापरवाही को उजागर करता हैl
क्योंकि कैमरे का बंद होना अस्पताल में भ्रष्टाचारी और
आपराधिक मामलो को बढ़वा देना हैं , इससे मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। अस्पताल में सुरक्षा के लिए कैमरे लगाना एक प्रोटोकॉल का हिस्सा है और इसे सुनिश्चित करना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है।
बताया जाता है कि रीठी सीएचसी मैं 9 कैमरे लगे हुए हैं वही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव,बिलहरी,घुघरा में जो केमरे लगे हैं उनकी गतिविधियां रीठी सीएचसी से और सभी की गतिविधियां कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम से कनेक्ट थी ।और आज यह स्थिति है कि रीठी सीएचसी के कैमरो का बंद हो अपराधिक गतिविधियों और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के बराबर है । वही बीएमओ कक्ष (ओपीडी) मैं जो कैमरे की बड़ी स्क्रीन लगी हुई थी वह भी गायब है और उसकी जगह छोटी स्क्रीन बंद रखी हुई है । वैसे पहले से ही लापरवाही को लेकर रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुर्खियों में बना हुआ था । और अब महीनो से सीसीटीवी कैमरे का बंद होना किसी आपराधिक एवं लापरवाही को उजागर करता है
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पूर्व में एलटीटी कैंप में दरी चोरी होने का प्रकरण भी सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से पकड़ा गया था । वही दूसरी ओर कुछ दिन पूर्व आयुष्मान कार्ड बनाने वाले कर्मचारी का सामान चोरी हो गया जिसकी शिकायत उन्होंने बीएमओ से की थी । परंतु अभी तक कोई सफलता हासिल नहीं लगी ।
अब सवाल यह उठता है कि यदि अस्पताल में सीसीटीवी कैमरा चालू होते तो चोर आसानी से पकड़ा जा सकता था । परंतु नही यह शाजिस का हिस्सा बन गया ।
वही ऐसी स्थिति मैं स्टाफ नर्सों और अन्य कर्मचारियों ने भी सुरक्षा बढ़ाने और बंद कैमरों को ठीक करने की मांग की है।
वही बीएमओ में डॉक्टर मेघेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि कैमरे पूरे चालू है यदि बंद है तो मैं दिखवाता हूं ।
हरिशंकर बेन,,


