भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा चौथे चरण के अंतर्गत 11 शहरों में जबलपुर का भी नाम किया शामिल*
*महापौर और निगमायुक्त की मेहनत और साकारात्मक पहल से नगर निगम को मिली केन्द्र सरकार से बड़ी राशि की सौगात*
*आपदाओं के दौरान नागरिकों को राहत प्रदान करने बड़े पैमाने पर तंत्र और प्रक्रिया में लाया जायेगा सुधार*
*शहर का वर्षा जल निकासी के लिए सर्वे प्रक्रिया, कंटूरिंग, 3डी एलीवेशन मॉडल, और पिछले 50 वर्षो का वर्षाजल डाटा और उसकी तीव्रता का किया जायेगा आंकलन*
*आंकलन कर वर्षाजल निकासी के लिए मास्टर प्लान तैयार कर, तैयार कराई जायेगी डी.पी.आर.*
*प्राकृतिक आधारित समाधान के लिए जलप्लावन वाले क्षेत्रों के तालाबों का होगा जीर्णोद्धार, जल एकत्रित करने तालाबों के चारों ओर बाउंड्री और सुलूश गेट लगाकर बढ़ाई जायेगी क्षमता*
*वर्षाजल संचय के लिए सड़क किनारे व्यापक रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पारगम्य पेवर का कार्य व्यवस्थित ढंग से कराया जायेगा एवं शासकीय भवनों में लगेगा वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम*
*जलप्लावन से ग्रसित छूटे सभी बड़े नालों का निर्माण और उनमें जुड़ने वाली नालियों एवं पुलियों का होगा गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्य*
*शहर के लो-लाइन एरिया में कृत्रिम तालाब और मोबाइल पम्पिंग स्टेशन की होगी व्यवस्था*
*कठौंदा एवं ललपुर में संचालित एस.टी.पी. को सोलर करने स्वीकृत हुई 8 करोड़ रूपये की राशि*
*विद्युत खपत में होने वाले व्यय को लगभग 90 प्रतिशत कम करने सोलर पैनल लगाने की जा रही है डी.पी.आर. तैयार*
*एकरूपता से हिन्दी भाषा में नामकरण के साथ निगम का स्टेडियम मार्केट होगा भव्य : वर्क ऑर्डर जारी*
*सभी नगर निगम के मार्केट एकरूपता के साथ हिन्दी भाषा में दुकानों का नाम लिखकर किये जायेगें दिव्य और भव्य*
*स्टेडियम मार्केट के व्यापारियों के द्वारा जनभागीदारी से नगर निगम को प्रदान की 20 लाख रूपये की राशि, महापौर ने दिया व्यापारियों को साधूवाद*
जबलपुर। भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा जबलपुर के नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएॅं प्रदान करने के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के अंतर्गत बाढ़ नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए 222 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत कर नगर निगम जबलपुर को एक बड़ी राशि की सौगात दी गयी है। जबलपुर को यह सौगात महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ और निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव के संयुक्त रूप से सार्थक पहल और मेहनत से मिली है। इस संबंध में पत्रकारवार्ता में उपस्थित सभी सम्माननीय पत्रकारबंधुओं को संबोधित करते हुए महापौर एवं निगमायुक्त ने बताया कि भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा चौथे चरण के अंतर्गत 11 शहरों में जबलपुर का नाम भी शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि शहर में आपदा प्रबंधन अंतर्गत बाढ़ नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए नगर निगम जबलपुर को 222 करोड़ रूपये की राशि देने स्वीकृति प्रदान की गयी है।
उन्होंने पत्रकारवार्ता के दौरान बताया कि भारत सरकार द्वारा नगरीय बाढ़ नियंत्रण एवं रोकथाम योजना फेस-04 अंतर्गत जबलपुर शहर को शामिल किया गया है, जिसके अंतर्गत उक्त योजना अंतर्गत पूरे शहर का वर्षा जल निकासी हेतु सर्वे प्रक्रिया, कंटूरिंग, 3डी एलिवेशन मॉडल एवं पिछले 50 वर्षो का वर्षा जल डाटा तथा उसकी तीव्रता का आंकलन कर शहर में वर्तमान में निर्मित नालो की क्षमता का पुनः आंकलन कर “वर्षा जल निकासी हेतु मास्टर प्लान” तैयार कर डी.पी.आर. तैयार करना एवं कार्य का सुपरविजन कराया जाना है।
महापौर एवं निगमायुक्त ने पत्रकारवार्ता में बताया कि उक्त योजना में जबलपुर शहर में बाढ़ नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु कार्य प्रस्तावित किये गये हैं जिसके अंतर्गत प्राकृतिक आधारित समाधान जैसे – जलप्लावन क्षेत्रो में स्थित तालाबो का जीर्णोद्वार, अतिक्रमण मुक्त कराया जाकर उनके चारो ओर बाउन्ड्री एवं मैकेनिकल सुलूश गेट इत्यादि बनाकर उनकी जल एकत्रित करने की क्षमता बढ़ाई जायेगी। शहर के कई हिस्सों में एवं सड़क किनारे व्यापक रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) एवं परमेबल (पारगम्य) पेवर का कार्य कराया जाकर स्पंज (पानी सोखने बाबत) जोन निर्माण कराया जायेगा एवं शासकीय भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाये जायेगें।
महापौर एवं निगमायुक्त ने पत्रकारवार्ता में बताया कि अन्य समाधान जैसे – शहर के जलप्लावन से ग्रसित छूटे सभी बड़े नालो का निर्माण तथा उनमें जुड़ने वाली नालियों एवं पुलियों का निर्माण कार्य कराना। शहर के लो-लाइन एरिया में आवश्यकता अनुसार कृत्रिम तालाब अथवा मोबाइल पम्पिंग स्टेशन की व्यवस्था कराना।
महापौर एवं निगमायुक्त ने बताया कि उक्त सम्पूर्ण कार्य हेतु समयावधि निर्धारित की गयी है। जिसमें भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप डी.पी.आर. तैयार करने हेतु – 4 माह एवं तैयार डी.पी.आर. अनुसार कार्य करने हेतु 18 माह का लक्ष्य निर्धारित गया है।
*कठौंदा एवं ललपुर में संचालित एस.टी.पी. को सोलर पैनल के माध्यम से संचालित करने स्वीकृत हुई 8 करोड़ रूपये की राशि*
महापौर एवं निगमायुक्त ने पत्रकारवार्ता में बताया कि मिनिस्टरी ऑफ हाउसिंग एण्ड अर्बन अफेयर्स् ;डपदपेजतल वि ीवनेपदह ंदक नतइंद िंंपतेद्ध द्वारा अमृत योजना के अंतर्गत “जल ही अमृत” सर्वेक्षण वर्ष 2025 प्रतिस्पर्धा में जबलपुर शहर में संचालित 34 एमएलडी, ललपुर एवं 32 एमएलडी कठोंदा एसटीपी (मल-जल शोधन संयंत्र) को “स्वच्छ जल क्रेडिट” आधार पर 5 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। इस सर्वेक्षण को केंद्र शासन स्तर पर नियुक्त एक्सपर्ट की टीम द्वारा कराया गया था। जिसमे टीम के द्वारा शहर में संचालित इन एसटीपी में शुद्धीकृत हो रहे सीवेज की मात्रा एवं उसके उपचार पश्चात उसकी गुणवत्ता के आधार पर 5 स्टार रैटिंग प्रदान की गई। जिसके आधार पर इन एसटीपी की संचालन व्यवस्था को और दुरुस्त करने जबलपुर शहर को 8 करोड़ रूपये की राशि प्रोत्साहन के रूप में स्वीकृत भी की गई है। उक्त राशि का उपयोग शासन के निर्देशों के परिपालन में इन एसटीपी के संचालन में उपयोग हो रही विद्युत खपत में होने वाले व्यय को लगभग 90 प्रतिशत तक सोलर माध्यम से कम करने डी.पी.आर. तैयार की जा रही है। दोनों एसटीपी ललपुर एवं कठौंदा में लगभग 1.5 मेगावाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
*एकरूपता से हिन्दी भाषा में नामकरण के साथ निगम का स्टेडियम मार्केट होगा भव्य : वर्क ऑर्डर जारी*
महापौर श्री अन्नू एवं निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए यह भी बताया कि स्टेडियम मार्केट के व्यापारियों के द्वारा जनभागीदारी राशि के रूप में 20 लाख रूपये की राशि नगर निगम को प्रदान की गयी है। इससे स्टेडियम मार्केट की भव्यता को बढ़ाने के लिए कार्य कराये जायेगें। महापौर और निगमायुक्त ने इसके लिए मार्केट के सभी व्यापारियों को साधूवाद दिया है। महापौर ने यह भी बताया कि स्टेडियम मार्केट में एकरूपता से हिन्दी भाषा में नामकरण के साथ निगम का भव्य मार्केट का स्वरूप प्रदान किया जायेगा। इसके लिए भी वर्क ऑर्डर जारी किया गया है। महापौर ने बताया कि नगर निगम के सभी मार्केट में एकरूपता के साथ हिन्दी भाषा में दुकानों का नाम लिखकर दिव्य एवं भव्य स्वरूप प्रदान किये जायेगें।
दिनांक :- 20.08.2025


