कटनी बच्चों की उपस्थित कितनी भी हो भोजन तो छोटे बर्तन मैं ही बनेगा । चाहे भले ही बच्चों को पर्याप्त भोजन मिल पाए,या ना मिल पाए ।
यह हाल है रीठी जनपद शिक्षा केंद्र क्षेत्र की शासकीय माध्यमिक शाला मुहास का l जहा समूह की खाना बनाने वाली महिलाओं ने बताया कि वर्षों से है बच्चो का भोजन इसी छोटे बर्तन में ही पकाया जा रहा है चाहे बच्चों की दर्द संख्या कितनी भी हो , कभी-कभी दुबारा से भोजन पकाना पड़ जाता है । कई बार शाला प्रबंधक से बड़े बर्तन दिलाए जाने की मांग की गई परंतु आज दिनांक तक बड़े बर्तन उपलब्ध नहीं करवाए गए है।
एमपी न्यूज़ कास्ट की टीम जब गुरुवार की दोपहर 1 बजे पहुंची तो देखा कि छोटे बर्तनों में ही खाना पकाया जा रहा था वही पुलाव की मात्रा अधिक होने के कारण पुलाव जल जाने की महक आ रही थी । अब जरा सोचिए इस दिन जब उपस्थित 80 बच्चों के भोजन यह हाल है तो जिस दिन बच्चों की उपस्थिति सत प्रतिशत होती होगी तो उनको पर्याप्त भोजन कैसे मिल पाता होगा । क्या उन्हें आधा पेट ही भोजन दिया जाता होगा,,,? इस छोटे बर्तन में भोजन बनने से डेढ़ सौ बच्चों का पेट केसे भरता होगा,?
जब इस संबंध में प्रधानाध्यापक से बात की गई तो उन्होंने उच्च अधिकारियों को इस विषय की जानकारी देने का हवाला दिया परंतु वर्षो से चली आ रही बर्तन की समस्या का समाधान न हो सका,,।
अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इस विषय पर क्या कार्यवाही करते है या फिर बच्चों को ऐसे ही आधा पेट भोजन मिलता रहेगा,,।
हरिशंकर बेन,,


