कालापीपल(बबलू जायसवाल)नगर परिषद पानखेड़ी कालापीपल में अवैध कालोनी काटे जाने के मामले में कालापीपल पुलिस द्वारा 15 लोगों के खिलाफ मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 339,339 (ष्ट) 2 व 339 (ष्ट) (4) के तहत मामला दर्ज किया है,नगर परिषद पानखेड़ी कालापीपल द्वारा अवैध कालोनियों के काटे जाने के संबंध में कालोनाइजरों पर थाना कालापीपल में एफआईआर दर्ज कार्रवाई गई है,
एसडीओपी निमेश देशमुख ने बताया नगर पालिक निगम अधिनियम 1961 के प्रविधानों के विपरित नगरीय क्षेत्र में अवैध कालोनी का निर्माण करने वाले 15 व्यक्तियों पर “एफआईआर”दर्ज करने के लिए नगर परिषद पानखेड़ी द्वारा कालापीपल थाना प्रभारी मनोहर सिंह जगेत को पत्र लिखा था,अवैध कॉलोनी को लेकर लगातार शिकायत की जा रही थी वही आवासीय प्रयोजन के लिए काटी गई कॉलोनी को लेकर विभाग द्वारा सूचना पत्र के माध्यम से कॉलोनीनाइजर को पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन उनके द्वारा दस्तावेज पेश नहीं किए गए,ना ही कॉलोनी का नक्शा पास कराया गया,जिससे कि आदेशों का उल्लंघन पाए जाने पर आदेश पारित किया गया
व 13 अवैध कॉलोनी के 15 कॉलोनाइजर के खिलाफ मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है,बता दे इसके पूर्व भी दो कॉलोनाइजर के खिलाफ नगर परिषद एफआईआर दर्ज करवा चुकी है।
कालोनियों में सुविधाओं का दावा फेल…!
शासन द्वारा बेहतर राजस्व के लिए शिकंजा कसा जा रहा रहा है,आम जनता को कॉलोनियों में मुलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के दावे किए जाते हैं लेकिन कोई यह करता नहीं है,रसूखदार और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त प्रभावी लोग अपने रसूख के दम पर कॉलोनियां काटते हैं और अपनी मनमानी करते हैं,नगर में ऐसे ही अवैध कॉलोनियों का जाल बिछा हुआ है,जहां बिना डायवर्सन के भू-खंड काट दिए गए हैं,अभी भी पंजीयक विभाग से नगर परिषद तक अपने रसूख का दुरुपयोग कर बिना अनुमति के ओर भी कॉलोनियां बसाई जा रही हैं,जिन पर न हल्का पटवारी की नजर जाती है न ही तहसीलदार की,प्रशासनिक स्तर पर कोई सख्ती नहीं बरती जा रही है,नियम अनुसार रजिस्टार ऑफिस में कोई भी भू-स्वामी तीन प्लॉट से % यादा नहीं बेच सकता। लेकिन हकीकत में कॉलोनाइजर प्लॉट बेच रहे हैं। रजिस्ट्री के मान से तहसील में नामांतरण हो रहें है। तहसील से नामांतरण के साथ ही नगर परिषद में नामांतरण निर्माण मंजूरी मिल जाती है।न,सभी दस्तावेजों के आधार पर निजी बैंक से लोन मिल जाता है,यह सभी काम कॉलोनाइजर खुद करवा रहे हैं,सूत्रों के अनुसार नगरीय क्षेत्र में 25 से अधिक अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री,नामांतरण किए जा रहे हैं।
नगर के सभी 15 ही वार्डों में अधिकांश जगह सीसी नहीं है,वार्ड 2 के नागरिक मूल-भूत सुविधाओं के लिए कई बार धरना आंदोलन कर चुके हैं,नप के माध्यम से अवैध कॉलोनियों में जरूर सड़कें बनवाई जा रही हैं,ऐसे में कॉलोनाइजर न सिर्फ राजस्व की चोरी कर रहे बल्कि उन्हीं अवैध कॉलोनियों में शासन स्तर पर काम भी करवाए जा रहे हैं,अवैध कालोनियों में चिह्नित होने के बावजूद नप वहां सड़क बनवा रही है,इसके साथ ही अवैध कॉलोनीयो कॉलोनीयो में नल जल योजना, बिजली,पानी भी दिया है,
*इनके कालोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर*
अवैध कॉलोनी के मामले में कालापीपल थाना पुलिस ने बताया कि कमल पिता घनश्याम सोनी,पवन पिता विष्णु सोनी,रानी पति सुरेश सोनी,दिनेश पिता सोहनलाल सांखला,रितु पति दिनेश शर्मा,ममता बाई पति अशोक परमार राकेश पिता हेमराज सोनी,अशोक कुमार पिता धन्नालाल पाटीदार,धन्नालाल पिता पूरणमल सेन,भरत पिता खुशीलाल परमार, तनप्रीत सिंह पिता दलजीत सिंह,वल्लभ पिता गंगा प्रसाद पाटीदार,राकेश पिता सुभाष सिंह मेवाडा,नरसिंह पिता मूलचंद गेहलोत व लक्ष्मीनारायण पिता भोजराज पाटीदार के खिलाफ मप्र नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
इनका कहना है…।
राजस्व विभाग के माध्यम से जांच हुई थी जिसमें जो भी कॉलोनाइजर प्लाट काट रहे हैं उनकी विस्तृत जांच के पश्चात सीएमओ नगर परिषद के माध्यम से मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इसमें 13 कॉलोनी के कॉलोनाइजर के कार्रवाई हुई इसके पूर्व भी 2 लोगों पर कार्रवाई की गई थी।
इसमें निरंतर राजस्व विभाग जांच कर रहा है उनके द्वारा जैसे जैसे सीएमओ के द्वारा प्रतिवेदन प्राप्त होंगे वैसे ही कार्रवाई होगी।
निमेष देशमुख,एसडीओपी शुजालपुर


