• मुखपृष्ठ
  • नियम एवं शर्ते
  • गोपनीयता
  • खंडन
  • शिकायत/ सुझाव
  • हमारे बारे में
  • संपर्क
No Result
View All Result
Friday, September 18, 2026
MP NEWS CAST
NEWSLETTER
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
MP NEWS CAST
No Result
View All Result
Home मध्यप्रदेश कालापीपल

ईश्वर ने हमको मनुष्य जन्म,चार पुरुषार्थ धर्म,अर्थ,काम और मोक्ष प्राप्ति के लिए दिया…पंडित सच्चिदानंद जी शर्मा

by Manish Gautam Chiefeditor
July 29, 2025
in कालापीपल
0
ईश्वर ने हमको मनुष्य जन्म,चार पुरुषार्थ धर्म,अर्थ,काम और मोक्ष प्राप्ति के लिए दिया…पंडित सच्चिदानंद जी शर्मा
0
SHARES
0
VIEWS
FacebookTwitterWhatsappTelegram

कालापीपल(बबलू जायसवाल)
राम मंदिर में चल रही भागवत कथा में पंडित सच्चिदानंद जी शर्मा ने कहा कि ईश्वर ने हमको मनुष्य जन्म,चार पुरुषार्थ धर्म,अर्थ,काम और मोक्ष प्राप्ति के लिए दिया है,लेकिन हम माया के वशीभूत होकर केवल धनोपार्जन के पीछे भाग रहे हैं।
दो वक्त की रोटी की व्यवस्था कर,सोना,खाना और वंश वृद्धि तो पशु भी करते है,इसलिए मनुष्य होकर हमकों भक्तियुक्त कर्म करते हुए मोक्ष प्राप्ति की ओर बढ़ना चाहिये,
धन की तीन गति है
दान,भोग और नाश।
इसीलिए सभी को आय का दशांश दान करने का लाभ बताया गया है,श्री शर्मा ने बताया कि समुद्र मंथन से जो हलाहल विष निकलता है भगवान शंकर उसे अपने कंठ में धारण करते है जिसके कारण भोलेनाथ नीलकंठ कहलाये,और विष की उष्णता के कारण ही भगवान को जल की धार,धतूरा चढ़ाया जाता है,भगवान शंकर ने संसार के कल्याण के लिए विष धारण किया था,लेकिन उनकी भक्ति के नाम पर जो लोग किसी भी प्रकार का व्यसन करते है वह उचित नही है,हमारी संस्कृति सदैव व्यसन मुक्त रही है,यदि हम भोलेनाथ के सच्चे भक्त है तो उनके जैसी साधना करना चाहिए ना कि कोई भी नशा,डॉ श्री शर्मा ने पृथु जी महाराज एवं जड़भरत की कथा,एवं प्रह्लाद जी की कथा का विस्तार करते हुए बताया कि पाप के बाद कोई व्यक्ति यदि नरकगामी हो, तब उसके लिए श्रीमद् भागवत में श्रेष्ठ उपाय प्रायश्चित बताया है। अजामिल उपाख्यान के माध्यम से इस बात को विस्तार से समझाया गया,प्रह्लाद चरित्र में कहा कि भगवान नृसिंह रुप में लोहे के खंभे को फाड़कर प्रगट होना बताता है कि प्रह्लाद को विश्वास था कि मेरे भगवान इस लोहे के खंभे में भी है और उस विश्वास को पूर्ण करने के लिए भगवान उसी में से प्रकट हुए एवं हिरण्यकश्यप का वध कर प्रह्लाद के प्राणों की रक्षा की।

Manish Gautam Chiefeditor

Manish Gautam Chiefeditor

Next Post
लम्हों ने खता की और सदियों ने सजा पाई…  आज जो पूछ रहे हैं, “POK को वापस क्यों नहीं लिया?” वो पहले जवाब दें, “किसकी सरकार ने पाकिस्तान को POK पर कब्जा करने का अवसर दिया था?  आजादी के बाद से लगातार कांग्रेस द्वारा लिए फैसलों की सजा आज तक देश भुगत रहा है।

लम्हों ने खता की और सदियों ने सजा पाई... आज जो पूछ रहे हैं, "POK को वापस क्यों नहीं लिया?" वो पहले जवाब दें, "किसकी सरकार ने पाकिस्तान को POK पर कब्जा करने का अवसर दिया था? आजादी के बाद से लगातार कांग्रेस द्वारा लिए फैसलों की सजा आज तक देश भुगत रहा है।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.

No Result
View All Result
  • About Us
  • Client Portal
  • Complaints and Feedback
  • Contact
  • Home 1
  • Privacy Policy
  • Privacy Policy
  • Rules and Regulations

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.