श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली नाग पंचमी इस बार 29 जुलाई, मंगलवार को पड़ रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नागों को भगवान शिव का सेवक और पृथ्वी के अंदरूनी जीवन चक्र का रक्षक माना जाता है. नाग पंचमी की पूजा आमतौर पर घर पर ही की जा सकती है. इसके लिए किसी विशेष सामग्री या मंदिर जाने की आवश्यकता नहीं होती.
मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी की पूजा विशेष रूप से कालसर्प दोष, सर्प दोष और पितृ दोष जैसे ग्रहदोषों की शांति के लिए प्रभावी मानी जाती है.
- कालसर्प दोष तब बनता है जब कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं.
- सर्प दोष अक्सर पूर्वजों या पूर्व जन्मों से जुड़ी अधूरी जिम्मेदारियों को दर्शाता है.
- पितृ दोष से परिवार में बाधाएं आती हैं, विशेषकर संतान या आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं.
- नाग पंचमी के दिन विधिवत पूजन करने से इन दोषों के प्रभाव में कमी आ सकती है.
क्या न करें इस दिन
इस दिन खेत जोतना, खुदाई करना या जमीन में गड्ढा खोदना वर्जित माना गया है. सांपों को पकड़कर दूध पिलाने जैसी गतिविधियां गैरकानूनी और अमानवीय हैं. पूजा में हिंसा, दिखावा या अंधविश्वास शामिल न करें. यह पर्व प्राकृतिक संतुलन और जीवमात्र के प्रति सम्मान का प्रतीक है.


