कटनी। विजयराघवगढ़ एसडीएम महेश मंडलोई द्वारा नायब तहसीलदार सिनगौडी सर्किल अंतर्गत ग्राम इटौरा व इटमा का निरीक्षण किया गया। इस दौरान हल्का पटवारी अपने कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित पाए गए। काम के प्रति पटवारी द्वारा लापरवाही पाए जाने पर अनुविभागीय अधिकारी ने तेवर तल्ख किए और पटवारी रघुवीर शरण सिंह को निलंबित करने की कार्यवाही की। श्री मंडलोई द्वारा लगभग साढ़े तीन बजे जानकारी देते हुए बताया गया कि पटवारी रघुवीर शरण सिंह बिना किसी सूचना के हल्का से नदारद थे जिसके कारण ग्रामीणों को तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने कर विवश होना पड़ता था। पटवारी को पूर्व में मौखिक रूप से अपने हल्का में रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी द्वारा निर्देशित भी किया गया था लेकिन पटवारी द्वारा लगातार मनमानी की जाती रही। तहसील कार्यालय द्वारा पटवारी श्री सिंह को कई बार कारण बताओ नोटिस देकर जवाब भी मांगा गया लेकिन पटवारी द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया था। फॉर्मर रजिस्ट्री, आरओआर का जो लक्ष्य निर्धारित था उस पर भी कम प्रगति पाई गई थी। इस दौरान भी अनुविभागीय अधिकारी के निरीक्षण के दौरान पटवारी अनुपस्थित थे। नोटिस दिए जाने पर पटवारी द्वारा जवाब भी प्रस्तुत नहीं किया गया थम यही नहीं न्यायालय नायब तहसीलदार सिनगौडी/उबरा विजयराघवगढ़ के पत्र अनुसार आवेदक गोविंद प्रसाद पिता रोहणी प्रसाद गौतम निवासी इटौरा के बंटवारा प्रकरण में खसरा नंबर 977/1, 977/2, 977/3, कुल रकवा 1.7 हेक्टेयर का फर्द बंटवारा नहीं किया गया था जिस पर भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था बावजूद इसके पटवारी द्वारा न तो फर्द बंटवारा का प्रतिवेदन कार्यालय में प्रस्तुत किया गया न ही नोटिस का जवाब ही दिया गया था। साप्ताहिक समीक्षा बैठक में भी पटवारी श्री सिंह अनुपस्थित थे। पटवारी का कृत्य मध्यप्रदेश मूलभूत नियम 18 एवं सिविल सेवा नियम 1965 के नियम 7 के प्रावधानों का उल्लंघन तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के प्रावधानों के तहत दंडनीय मानते हुए पटवारी रघुवीर शरण सिंह को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं। पटवारी को तहसील कार्यालय शाखा कानूनगो में संलग्न किया गया है।
सुरेश सेन की खास रिपोर्ट


