उमरियापान:- निराश्रित मवेशियों के कारण सड़कों पर हो रहे सड़क हादसों को रोकने सरकार ने योजना बनाई।चंद दिनों तक मवेशियों को पकड़ने धरपकड़ अभियान जरूरी चला, लेकिन अब यह दिखावा बनकर रह गया है।उमरियापान से ढीमरखेड़ा मार्ग पर उमरियापान,बम्हनी,मडेरा,बनेहरी,गर्राघाट, पोंडी खुर्द,खिरवा,सिमरिया और ढीमरखेड़ा तक जगह जगह सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा रहता है। ढीमरखेड़ा से दशरमन और ढीमरखेड़ा से खमतरा मार्ग पर भी सैकड़ों निराश्रित मवेशियों का सड़क पर जमावड़ा लगा रहता है। उमरियापान की बात करें तो यहाँ मुख्य बाजार झंडा चौक,अँधेली बाग, पुलिस थाना के समीप सहित अलग अलग जगहों पर मवेशी डेरा जमाए रहते हैं। जिससे कि राहगीरों को दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। उमरियापान ढीमरखेड़ा मार्ग पर मडेरा और शुक्ल पिपरिया में बीती रात वाहनों की टक्कर से दो मवेशी चोटिल हो गए हैं।
कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने सड़कों पर धूम रहे गौवंश सहित अन्य निराश्रित मवेशियों को गौशालाओं और सुरक्षित स्थानों पर रखने के आदेश ग्राम पंचायतों को जारी किए।लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में इस अभियान का औपचारिकता निभा रहे है। प्रमुख सचिव और कलेक्टर का आदेश भी नहीं मान रहे है। रात के समय वाहन चालकों द्वारा तेज रफ्तार से वाहनों को रगड़ते है, जिससे कि निराश्रित मवेशियों की मौत तक हो जाती है।
इसलिए बारिश में सड़क पर बैठते हैं मवेशी:- बारिश के दिनों में आवारा मवेशी कीचड़ से बचने सूखी जगह में बीच रोड पर बैठते हैं। अंधेरा होने या चालक की असावधानी से वाहन मवेशियों से टकराते है। जुलाई से सितंबर तक इस वजह से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अधिक होती है। ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर निराश्रित मवेशी डेरा जमाए रहते हैं।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


