प्रदेश सरकार द्वारा गांवों के विकास के लिए लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन देखने में यह आ रहा है कि विकास के नाम पर मिलने वाली भारी भरकम राशि को सीईओ व उपयंत्रियों की मिलीभगत से ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ठिकाने लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। और सरपंच सचिव निर्माण कार्य के नाम पर लीपापोती कर अपनी जेबें गर्म करने में लगे हुए हैं।
सच्चाई तब सामने निकलकर आई जब बीते दिनों मंदिर समिति व स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जनपद पंचायत रीठी मुख्यालय के सामने ग्राम पंचायत घनिया मैं बने शिवमंदिर में रंगमंच निर्माण कार्य हेतु पांचवा राज्य वित्त आयोग से पांच लाख रुपए की राशि 8 जून2024 को स्वीकृत किया गया था। जिसका भूमि पूजन कार्यक्रम का शिलाविन्यास भी लगाया गया है
भ्रष्टाचारी की गई रंगमंच निर्माण कार्य मैं एक हाईवा रेता एक हाईवे ,100 बोरी सीमेंट, 1600 किलो लोहा तथा तार का कुल 2लाख 50 हजार रुपए का बिल 7 जनवरी 2025 को सम्राट टेडर्स एवम कंस्ट्रक्शन स्लीमानाबाद (कटनी) के नाम बिना सरपंच ,सचिव की शील साइन के जारी कर दिया गया है
जिसकी शिकायत मंदिर समिति व स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जनपद सीईओ से की गई थी। जिस पर कार्रवाई करना तो कोसों दूर की बात है जनपद सीईओ ने जांच कराने तक की जहमत नहीं उठाई। लोगों का कहना है कि जब जनपद पंचायत कार्यालय के सामने खुलेआम मनमानी हो रही है तो अन्य ग्राम पंचायत में कितना भ्रष्टाचारी होती होगी इससे आप खुद अंदाजा लगा सकते हैl
नर्मदेश्वर महादेव मंदिर समिति व स्थानीय ग्रामीणों ने बीते जनपद सीईओ को सौंपे शिकायती पत्र में निर्माण कार्य के भौतिक सत्यापन कर हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने
की मांग की थी। लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन कर राशि पर रोक लगाई जाए और जो राशि जारी हो चुकी है उसकी रिकवरी करने तथा दोषी उपयंत्री पर भी कठोर कार्रवाई करने की मांग पूरी न होने पर आंदोलन करने की भी प्रशासन को चेतावनी दी गई है।
हरिशंकर बेन,


