रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। नगर में लगातार नालों पर हो रहे अतिक्रमण और मनमर्जी से हो रहे निर्माण कार्यों को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ कॉलोनाइजरों ने तो नालों की दिशा को ही बदल दिया है। जिसको लेकर जिला प्रशासन सहित नगर पालिका प्रशासन बारिश के दिनों में शहर में बाढ़ के हालात निर्मित होने की घटनाओं को लेकर अत्यंत चिंतित नजर आ रहा है। मनमर्जी से हो रहे निर्माण से जहां नाले नालियों में तब्दील हो रहे हैं तो कुछ नालों के स्थल को खत्म किया जा रहे हैं। जिससे जल भराव के हालात और नागरिकों में आपसी विवाद के स्थिति भी निर्मित होती हैं। वही गत दिनों वार्ड क्रमांक 14 अंकिता नगर डोंगरी क्षेत्र में नाले पर बन रहे मकान का मामला सुर्खियों में आया। इसके बाद आज शुक्रवार को एसडीएम नीता कोरी, शहरी तहसीलदार देवशंकर धुर्वे,नगर पालिका सीएमओ हेमेश्वरी पटले, उपयंत्री दीक्षा तिवारी सहित पटवारी आर आई , नगर पालिका के इंजीनियरों ने मौका मुआयना किया। यह बात भी सामने आई कि उक्त जमीन निजी भूमि है और संबंधित ने नगर पालिका से मकान निर्माण की बाकायदा एनओसी ली है। जबकि निर्मित मकान के नीचे से नाले का पानी बह रहा है। यह देखकर सभी अचंभित भी हुए। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर नगर तहसीलदार द्वारा टीम का गठन किया गया है जो की डोंगरी क्षेत्र में स्थित नाले को लेकर सीमांकन करेगा। साथ ही नाले पर बने मकान के दस्तावेजों के आधार पर उक्त भूमि की भी जांच करेगा। इस दौरान लोगों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि यहां पर शासकीय नाले की दिशा बदल दी गई थी और निजी भूमि की तरफ कर दिया है, और नाले की जगह पर कब्जा कर लिया गया है और नाले को परिवर्तित किया गया है। एसडीएम नीता कोरी ने बताया कि डोंगरी के नाले के सीमांकन सहित जांच के आदेश दिये गए हैं।


