रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। धार्मिक नगरी नर्मदापुरम में शराब का अवैध कारोबार बेखौफ जारी है। स्थिति ऐसी निर्मित हो गई है कि अब तो कमिश्नर कार्यालय के नजदीक स्थित कोठी बाजार की सब्जी मंडी जो लाखों रुपए से नगर पालिका ने बनाई है अब वह अहाता बार में तब्दील हो गई है। जिसे देखकर ऐसा लगता है कि मुख्यालय पर आबकारी विभाग का अमला है ही नहीं, जिनकी कर्तव्यनिष्ठा का खौफ शराब माफिया को हो सके ? माहौल देखकर लगता है कि शायद यहां पर धार्मिक नगरी नर्मदापुरम में शराब विक्रय पर मुख्यमंत्री का प्रतिबंध का आदेश इस क्षेत्र में लागू नहीं होता है ? क्या कारण है कि यहां पर जवाबदार बड़े-बड़े अधिकारी होने के बाद भी सब्जी मंडी क्षेत्र में अवैध शराब विक्रय पर पूर्णतः प्रतिबंध नहीं लग पा रहा हैं और ना ही यहां पर शराब का कारोबार बंद करवा पा रहे हैं? जब मामला बढ़ता है तो कागजी कार्यवाही जरूर सामने नजर आती है और किसी एक पर 34(1) का मामला जरूर बनाकर कागजों में खत्म हो जाता है ? पर बड़े सवाल खड़े होते हैं कि क्या धार्मिक नगरी में एक छोटे से कोठी बाजार सब्जी मंडी में ही शराब माफिया पर अंकुश लगाने में जवाबदार आबकारी विभाग नाकाम हो रहा ? आखिर वह कौन शराब ठेकेदार अथवा किस दुकान की शराब कोठी बाजार सब्जी मंडी क्षेत्र में बिकवाने के लिए सप्लाई को संरक्षण दिया जा रहा है? कि चंद कदमों की दूरी पर मौजूद आबकारी विभाग भी सब्जी मंडी परिसर में पड़ी ढेरों शराब की खाली बोतलों से दुकान और ठेकेदार को खोज नहीं कर पा रहा है, तो जिले में क्या कर रहा होगा पर बड़े सवाल है ? धार्मिक नगरी नर्मदापुरम में अवैध शराब विक्रय की मिल रही शिकायतों को कमिश्नर केजी तिवारी ने तो 27 नवंबर 2024 बुधवार को विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान आबकारी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वह अपने जिलों में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावशाली कार्यवाही करें, साथ ही नर्मदा नदी किनारे एवं आसपास शराब की बिक्री ना हो। नर्मदापुरम ड्राई क्षेत्र है तो उसे ड्राई ही रहने दें। उस पर जिला आबकारी अधिकारी लगातार कार्यवाही करें, पर लगता है कि कमिश्नर साहब के आदेश भी यहां अधीनस्थ फॉलो नहीं कर पा रहे हैं ? अब गुरुवार 2 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के साथ नर्मदापुरम संभाग के विकास कार्यों की बैठक को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के संग हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की बैठक में भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने मुख्यमंत्री के समक्ष धार्मिक नगरी नर्मदापुरम में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद आबकारी
अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा अवैध शराब विक्रय और परिवहन का गंभीर विषय सामने रखा। नगर के चौक चौराहा सहित पब्लिक प्लेस में खुलेआम धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब पर सख्ती से रोक लगाने का आग्रह किया। उसके बावजूद शुक्रवार शाम को जब मीडिया टीम कोठी बाजार सब्जी मंडी में मुआयना करने पहुंची तो वह सब्जी मंडी अहाताबार में तब्दील नजर आई । जगह-जगह शराब की खुली खाली बोतले पड़ी हुई थी और खाली बोतलों के वरदानों के ढेर भी लगा दिखा, चखना के रैपर, डिस्पोजल ग्लास, पानी के खाली पाउच दिखे। और मीडिया को देखकर मंडी में शराब पीते हुए शराबी भाग खड़े हुए। इस दौरान सब्जी बेचने वालों ने दबी जुबान से अपना दुखड़ा सुनाया कि यहां पर रोज शराबियों का आतंक रहता है। जिसके कारण उनकी दुकानों पर ग्राहक नहीं आते हैं और महिलाएं शाम को सब्जी मंडी आने से डरती हैं। ऐसा ही हाल रहा तो वह भी यहां पर दुकान लगाना बंद कर देंगे ? प्रशासन से सख्त कार्यवाही और यहां पर अवैध शराब बेचने के अड्डों को नष्ट करने की मांग सब्जी मंडी दुकानदारों ने भी की है परंतु शराब माफिया के डर से वह मीडिया के कैमरे के सामने मुंह खोलने से डरते रहे। आश्चर्य का विषय है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों को शासन की तरफ से फोर व्हीलर सहित पूरी सुख सुविधा सहित हजारों रुपए की प्रति माह वेतन दिया जा रहा है,उसके बावजूद विभाग के कार्यालय के नजदीक सब्जी मंडी क्षेत्र में छोटे से स्थान पर शराब विक्रय पर प्रतिबंध न लगा पाना जवाबदार विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है??


