रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। वैश्विक बाजार में अपने उत्पादों के निर्यात के लिए कौन सी प्रक्रिया अपनाई जाती है, किन डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाए तथा सरकार इसमें किस तरह मदद करती है । इस संबंध में उद्योग प्रतिनिधियों को सेक्टोरल सेशन में इस क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों और विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई । उद्योग प्रतिनिधियों के लिए आयोजित इस सत्र में जीएसटी एवं कस्टम कमिश्नर श्री राजीव अग्रवाल , फॉरेन ट्रेड के संयुक्त संचालक श्री सुविध तथा अटलांटिको इंटरनेशनल के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अमित मुलानी ने अपने उत्पादों के निर्यातों के बारे में विस्तार से जानकारी देने के साथ ही प्रतिनिधियों के अनेक सवालों का जवाब भी दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने निर्यात शुरू करने के लिए जरूरी दस्तावेज, बाजार रणनीतियां और सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे IEC (Importer Exporter Code), GST पंजीकरण, और बैंक खाता जैसे बुनियादी जानकारी के साथ ही निर्यात से जुड़े अनेक पोर्टल्स तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी दी गई । कार्यक्रम में इन्वेस्टमेंट एक्सपोर्ट इंपोर्ट रिस्क, बायर फंडिंग,व गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया हेल्प एंड बेनिफिट, कस्टम क्लीयरेंस, शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स रिलायबिलिटी , इंडियन प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट प्रमोशन के बारे में बताया गया। उन्होंने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, फ्री सेल सर्टिफिकेट की जानकारी देते हुए ऐसे उत्पादों के बारे में बताया जिन पर 100% लाइसेंस फ्री एक्सपोर्ट किया जा सकता है।


