रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश सरकार के होमगार्ड विभाग से सेवानिवृत हुए नर्मदापुरम जिले के सेवानिवृत सैनिकों ने खराब आर्थिक हालातो को लेकर जीवन यापन हेतु पेंशन सहित अन्य भत्ते दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री के नाम पूर्व में ज्ञापन सौंपा था, परंतु शासन द्वारा कोई सुनवाई नहीं होने से परेशान सेवानिवृत्त सैनिकों ने अब राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति चाही है। उन्होंने अवगत कराया है कि कई सेवानिवृत्त सैनिकों को इलाज के लिए अत्यंत दुखद विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ तो गंभीर बीमारी से पीड़ित होकर बिस्तर पर हैं,जबकि हमने अपना पूरा जीवन ईमानदारी से सरकार की सेवा में लगा दिया। उसके बावजूद आज भी हम पेंशन जैसी सुविधा से वंचित है। सेवानिवृत्त सैनिकों ने रजिस्टर्ड डाक द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को हस्ताक्षर युक्त पत्र लिखकर पत्र लिखकर इच्छामृत्यु के लिए निवेदन किया है कि होमगार्ड सैनिकों को सेवानिवृत्ति के पश्चात उम्र के आखिरी पड़ाव में किसी प्रकार का लाभ जैसे पेंशन, बीमा, पीएफ तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 1 दिसंबर 2011 से डीए की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। जिससे हम लोगों को जीवन यापन सहित चिकित्सा कराने में काफी दिक्कत आ रही है। हम लोग 60 वर्ष की उम्र में सेवा से मुक्त होने पर अब मजदूरी करने में भी असहाय महसूस कर रहे हैं। कुछ सैनिक घरों पर बिस्तर में बीमार पड़े हैं, तो कुछ सैनिक विकलांग हो चुके हैं।उनकी भी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। इलाज कराने में काफी दिक्कत आ रही है। महोदय से आग्रह है कि हम लोगों के उदर पोषण, जीवन यापन करने हेतु शासन से मदद दिलाने की दया करें अथवा हमें इच्छा मृत्यु प्रदान करने की कृपा करें।


