उमरियापान:- आजादी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास तो हुआ है लेकिन आज भी ग्रामीण अंचल के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत बम्हनी ग्राम पंचायत के बनेहरा गांव में आज भी आवागमन, बिजली, पेयजल एवं संचार सुविधा सहित अनेक समस्याएं बनी हुई है।
जंगल से घिरे भारत के केंद्र बिंदु करौंदी से सटे बनेहरा गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां कुछ काम तो हुए है जबकि कई योजनाओं का क्रियान्वयन सिर्फ फाइलों में ही दबा हुआ है। गांव में बनी पक्की सड़क के हालात बदतर हो चुके हैं। सडक़ की ऊपरी परत उखड़ चुकी है। गिट्टी और कांक्रीट निकल आई है। सड़क पर जगह जगह गढ्ढे निकल आये है।कई जगह तो दरारें भी है।यहां से निकलने वाले लोग परेशान होते हैं। दो पहिया और साइकिल से आने वाले लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इससे गांव को लोंगों को परेशानी और भी बढ़ गई है।
पेजयल समस्या से जूझ रहे ग्रामीण:- बनेहरा गांव में पेयजल समस्या भी है। पाइप लाईन के माध्यम से सभी घरों में पेयजल योजना का सफल क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। बिजली बंद होने की स्थिति में नागरिक पेयजल समस्या से जूझ रहे है। खराब हैंडपंप की मरम्मत नहीं की जा रही है। यहां लगे हैंडपंप वर्षों से खराब पड़े हैं। तीन में से दो हैंडपंप पूरी तरह से बन्द पड़े हैं। गांव में बिजली की समस्या भी है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में बिजली नहीं मिल पाती हैं। संचार के साधन भी नहीं है। यहां नेटवर्क की समस्या है। इतना ही नहीं बारिश के चलते गांव के कई लोंगों के कच्चे मकान गिरकर धराशायी हो गए है। अब उनकी परेशानी बढ़ गई है।
मूलभूत सुविधाओं से है वंचित:- ग्रामीणों ने बताया कि उनका गांव भले ही देश के केंद्र बिंदु में है लेकिन अब तक बनेहरा गांव विकास से कोसों दूर है।विकास को गांव की उपेक्षा की जा रही है। गांव के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पेयजल, बिजली, सडक़ जैसे मूलभूत सुविधाओं से ग्रामीण मोहताज है। ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायत व शासन, प्रशासनिक अधिकारियों को गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की जा चुकी है।लेकिन जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे है।
बल्लियों के सहारे दौड़ रही बिजली, तारों का फैला मकड़जाल, जिम्मेदार अनजान:- बनेहरा गांव में लकड़ी की बल्लियों पर बिजली के तारों का मकडज़ाल फैला हुआ है। गांव में बिजली के खंभे ही नहीं है। जहां खंभे में ट्रांसफार्मर लगा है तो वहां से सैकड़ों लोगों ने अपने तार दूर तक खींच रखे हैं जिससे बिजली के तारों का मकडज़ाल फैला हुआ है। बांस बल्लियों के सहारे बिजली तार दौड़ रहे हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। यहां पर जल भराव की भी समस्या है जिसके चलते लोगों को भारी दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने बताया कि यहाँ कई स्थानों पर बिजली के खंभे ही नहीं लगाये गए। लोगों को रहते कई दशक बीत गये पर आज भी गांव के हालात नहीं बदले। जहां पर बिजली के खंभे नहीं लगे हैं वहां पर लोगों ने बिजली के तार काफी दूर से खींच रखे हैं। कौन सा तार किसका है यह जानना काफी कठिन है।बांस बल्ली के सहारे दौड़ रहे तारों से आफत यह है कि कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।तेज हवा, तूफान और आंधी के साथ बारिश में बिजली तार टूट जाने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार ऐसी स्थिति निर्मित हो चुकी है। लोंगो को करंट भी लग चुका है, इसके बाद भी बिजली विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इनका कहना है:- हम स्वयं बनेहरा गांव का निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुनेंगे। सरकार की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिले,इसके लिए भरसक प्रयास किया जाएगा। जल्द ही ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण होगा।अधिकारियों द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर भी कार्रवाई होगी।:- धीरेंद्र बहादुर सिंह, विधायक बड़वारा
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


